नाबालिग से जुड़े पॉक्सो मामले में वांछित युवक गिरफ्तार, मालीपुर मोड़ के पास पुलिस की कार्रवाई

खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क

अंबेडकरनगर/जलालपुर।

नाबालिगों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में कानून बेहद सख्त है। ऐसे मामलों में सामने आने वाला हर आरोप एक परिवार के लिए गहरे दर्द, चिंता और बेचैनी का कारण बन सकता है। इसी क्रम में थाना जलालपुर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट से संबंधित एक मामले में वांछित 23 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक सुश्री प्राची सिंह के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी एवं क्षेत्राधिकारी जलालपुर के पर्यवेक्षण में थाना जलालपुर पुलिस टीम ने 13 सितंबर 2026 को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए वांछित अभियुक्त कुन्दन पुत्र रोहित राम, निवासी ग्राम सोहगूपुर, थाना जलालपुर, को मालीपुर मोड़ के निकट से करीब 12:30 बजे गिरफ्तार किया।

पुलिस प्रेसनोट के मुताबिक, गिरफ्तार युवक थाना जलालपुर में दर्ज मु0अ0सं0 241/2026 में वांछित था। मामले में धारा 64(1), 78(1), 351(3) बीएनएस तथा धारा 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत बताया गया है।

न्यायालय में पेशी की कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद आरोपी के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है और उसे रिमाण्ड के लिए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।

नाबालिग की पहचान पूरी तरह गोपनीय

पॉक्सो कानून से जुड़े मामलों में नाबालिग की पहचान की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। खबर की तहतक द्वारा पीड़ित/पीड़िता की पहचान से संबंधित कोई नाम, फोटो अथवा ऐसा विवरण प्रकाशित नहीं किया जा रहा है, जिससे उसकी पहचान उजागर हो।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम

पुलिस के अनुसार कार्रवाई करने वाली टीम में थाना जलालपुर के प्रभारी निरीक्षक अजय प्रताप, उपनिरीक्षक दिलेेश कुमार सरोज, हेड कांस्टेबल जितेन्द्र कुमार तथा हेड कांस्टेबल सुभाष यादव शामिल रहे।

खबर की तहतक ऐसे संवेदनशील मामलों में पीड़ित पक्ष की गरिमा और निजता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तथ्यपरक एवं जिम्मेदार पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध है।

डिस्क्लेमर :

यह समाचार अंबेडकरनगर पुलिस द्वारा जारी प्रेसनोट में उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रकाशित किया गया है। पुलिस द्वारा आरोपी को मामले में वांछित अभियुक्त बताया गया है। आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र न्यायिक पुष्टि इस समाचार के प्रकाशन तक नहीं हुई है। आरोप सिद्ध होना और आरोपी का दोषी ठहराया जाना न्यायालय की प्रक्रिया पर निर्भर है।

समाचार का उद्देश्य किसी व्यक्ति को दोषी घोषित करना, उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को प्रभावित करना अथवा किसी पक्ष के समर्थन या विरोध में जनमत बनाना नहीं है।यदि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान मामले से संबंधित कोई नया तथ्य सामने आता है, तो उसे विधिसम्मत तरीके से अद्यतन किया जा सकता है।

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