गले पर दबाव, घर में मातम… चंद पलों के विवाद ने छीन ली जिंदगी, 48 घंटे में तीन आरोपी गिरफ्तार

खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क

संवाददाता – अनिल यादव

पवई, आजमगढ़।

कभी-कभी विवाद की शुरुआत इतनी मामूली होती है कि कोई सोच भी नहीं सकता कि उसका अंत किसी घर के चिराग को हमेशा के लिए बुझा देगा। चाकिया बखरिया गांव में चार दिन पुराने कहासुनी के विवाद ने ऐसा दर्द दिया, जिसकी टीस अब शायद परिवार को उम्रभर सताती रहेगी। आरोप है कि दरवाजे पर पहुंचे लोगों ने करीब 30 वर्षीय हरिओम पांडेय के साथ मारपीट की और गला दबा दिया। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घर में चीख-पुकार मची तो जैसे कुछ देर के लिए पूरा गांव सन्न रह गया।

पुलिस के अनुसार, 4 सितंबर 2026 को वादी वीरेंद्र पांडेय पुत्र रामसुभग पांडेय निवासी चाकिया बखरिया, थाना पवई, आजमगढ़ ने तहरीर दी थी। तहरीर में आरोप लगाया गया कि लगभग सुबह 8:30 बजे यदुवंश मणि त्रिपाठी पुत्र उमाकांत त्रिपाठी, रामलाल शर्मा पुत्र सहदेव शर्मा तथा चंदा शर्मा पत्नी गुड्डू शर्मा कथित तौर पर घर पहुंचे और दरवाजे पर बैठे हरिओम पांडेय के साथ मारपीट की। पुलिस के मुताबिक तहरीर में गला दबाने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

चार दिन पुरानी कहासुनी का दर्दनाक अंत

पुलिस के प्रेस नोट में बताया गया है कि घटना से करीब चार दिन पूर्व कहासुनी को लेकर विवाद हुआ था। लेकिन किसी ने शायद यह नहीं सोचा था कि शब्दों की गर्मी एक परिवार की जिंदगी में ऐसा सन्नाटा छोड़ जाएगी, जहां अब आवाजें तो होंगी, मगर हरिओम की आवाज कभी सुनाई नहीं देगी।

तहरीर के आधार पर थाना पवई में मु0अ0सं0 209/26, धारा 103(1)/351(3) बीएनएस के तहत तीन नामजद आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया।

48 घंटे के भीतर पुलिस ने तीनों को पकड़ा

पुलिस के मुताबिक मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना पवई पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए 6 सितंबर 2026 को करीब 2:52 बजे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पोल नंबर 187.8, नसीरपुर अंडरपास के पास से तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में—

1. यदुवंश मणि त्रिपाठी पुत्र उमाकांत त्रिपाठी

2. रामलाल शर्मा पुत्र सहदेव शर्मा

3. चंदा शर्मा पत्नी गुड्डू शर्मा

निवासी ग्राम चकिया बखरिया, थाना पवई, जनपद आजमगढ़ बताए गए हैं।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।

कानून अपना काम करेगा, लेकिन एक परिवार का खालीपन कौन भरेगा?

पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपियों की गिरफ्तारी भले ही हो गई हो, लेकिन जिस घर में हरिओम की मौजूदगी से रोजमर्रा की जिंदगी चलती थी, वहां अब उनकी अनुपस्थिति का सवाल किसी गिरफ्तारी से खत्म नहीं होगा।

विवाद चाहे कितना भी पुराना या छोटा क्यों न हो, उसका जवाब हिंसा नहीं हो सकता। क्योंकि गुस्सा कुछ मिनटों का होता है, लेकिन उसके बाद मिलने वाला दर्द कई पीढ़ियों तक घर की दीवारों में गूंज सकता है।

फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है और मामले में आगे की विधिक प्रक्रिया न्यायालय के समक्ष होगी। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

खबर की तहतक का दर्द भरा सवाल

जिस विवाद को बातचीत से खत्म किया जा सकता था, अगर वही हाथ गले तक पहुंच जाएं तो फिर सवाल सिर्फ एक मौत का नहीं रहता… सवाल यह होता है कि आखिर इंसान का गुस्सा इंसान की जिंदगी से बड़ा कब हो गया?

डिस्क्लेमर:

यह खबर थाना पवई, जनपद आजमगढ़ द्वारा जारी प्रेस नोट/प्राप्त पुलिस विवरण एवं तहरीर में दर्ज आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। खबर में उल्लिखित आरोप पुलिस के अनुसार हैं, जिन्हें न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध किया जाना अभी शेष है। ‘खबर की तहतक’ किसी आरोपी को दोषी घोषित नहीं करता। मामले में दोष अथवा निर्दोषता का अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय द्वारा साक्ष्यों और विधिक प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा। खबर का उद्देश्य जनहित में घटनाक्रम की जानकारी देना है, किसी व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं।

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