खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क जलालपुर, अंबेडकरनगर। बारिश के बाद जलभराव ने ग्रामीणों की जिंदगी को इस कदर मुश्किल में डाल दिया है कि घर से निकलना भी किसी चुनौती से कम नहीं रह गया। विकासखंड जलालपुर और तहसील जलालपुर क्षेत्र के मौजा बड़ागांव, चौबे का पूरा के दर्जनों ग्रामीण शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे और उप जिलाधिकारी मधुमिता सिंह के समक्ष लिखित प्रार्थना पत्र देकर आवागमन का रास्ता खुलवाने की गुहार लगाई। ग्रामीणों का कहना है कि उनके घरों तक पहुंचने और वहां से बाहर निकलने के लिए पूर्वजों के समय से एक ही रास्ता मौजूद है। इसी रास्ते से वर्षों से ग्रामीणों का आवागमन होता रहा है। लेकिन लगातार हुई बारिश के कारण रास्ते पर जलभराव हो गया है और स्थिति ऐसी हो गई है कि रास्ता लगभग पूरी तरह बंद हो गया है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों को स्कूल आने-जाने में हो रही है। ग्रामीणों के मुताबिक रास्ता बंद होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द रास्ते की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बरसात के दिनों में उनकी परेशानियां और बढ़ सकती हैं। संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि मौके की स्थिति का निरीक्षण कराकर जलभराव की समस्या का समाधान कराया जाए और उनके घरों से मुख्य मार्ग तक आने-जाने के लिए रास्ता सुगम कराया जाए। प्रार्थना पत्र देने वालों में बंसराज, मनीराम निषाद, जालंधर निषाद, रंजीत कुमार, सतीराम, जियावान, दिनेश कुमार, राजमान, आसाराम निषाद और धीरज निषाद समेत दर्जनों ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद उप जिलाधिकारी मधुमिता सिंह ने समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। अब ग्रामीणों की निगाह प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। उनके लिए यह महज रास्ते का सवाल नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा, परिवार की आवाजाही और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा बुनियादी अधिकार है। बारिश थम भी जाए, लेकिन अगर रास्ता नहीं खुला तो इन ग्रामीणों की मुश्किलें शायद ही थम सकेंगी। ऐसे में जरूरत है कि संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का जायजा ले और ग्रामीणों की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करे। खबर की तहतक की नजर: ग्रामीणों की शिकायत और प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद अब देखना होगा कि प्रभावित परिवारों को वास्तव में आवागमन की सुविधा कब तक मिल पाती है। https://khabarkitahtak.co.in/wp-content/uploads/2026/09/VID-20260905-WA0033.mp4 डिस्क्लेमर: यह समाचार संपूर्ण समाधान दिवस में ग्रामीणों द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र, उनके द्वारा बताए गए तथ्यों एवं उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। रास्ते में जलभराव, आवागमन बाधित होने और अन्य समस्याओं से संबंधित दावे ग्रामीणों के कथन हैं। समाचार का उद्देश्य किसी व्यक्ति, संस्था अथवा विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं है। संबंधित प्रशासन अथवा अन्य पक्ष की ओर से प्राप्त आधिकारिक स्पष्टीकरण या तथ्य सामने आने पर उसे भी उचित स्थान दिया जाएगा। पाठकों से अनुरोध है कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित तथ्यों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation जन्माष्टमी पर मंदिरों में उमड़ी आस्था, झांकी ने मोहा मन शिक्षक दिवस पर ज्ञान के दीप से रोशन हुआ गोल्डेन फ्यूचर चिल्ड्रेन एकेडमी