27 पड़िया को रस्सियों से बांधकर डीसीएम में ले जाने का आरोप, अकबरपुर पुलिस ने चालक को किया गिरफ्तार

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अम्बेडकरनगर।

पशुओं के साथ क्रूरता के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच थाना कोतवाली अकबरपुर पुलिस ने 27 पड़िया बरामद कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पड़ियों को डीसीएम में इस तरह बांधकर ले जाया जा रहा था कि वे अपनी जगह से हिल-डुल भी नहीं पा रही थीं।

पुलिस प्रेस नोट के अनुसार, यह कार्रवाई 17 अगस्त 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई। सूचना थी कि लाल रंग की डीसीएम में पड़वा/पड़िया लादकर उन्हें बेचने के लिए मरैला चौराहे की तरफ से अकबरपुर की ओर ले जाया जा रहा है।

लोरपुर चौराहे के पास पुलिस ने रोका वाहन

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने वाहन की निगरानी शुरू की। जैसे ही डीसीएम लोरपुर चौराहे के पास पहुंची, पुलिस टीम ने चालक को नीचे उतारकर वाहन का डाला खुलवाया।

पुलिस के मुताबिक, वाहन के अंदर 27 पड़िया रस्सियों से मुंह बांधकर रखी गई थीं। दावा है कि सभी पड़िया अपनी जगह से हिल-डुल पाने की स्थिति में नहीं थीं। इसके बाद पुलिस ने रस्सियां खुलवाकर सभी पड़ियों को वाहन से नीचे उतरवाया।

चालक गिरफ्तार, पशु क्रूरता अधिनियम में मुकदमा

पुलिस ने डीसीएम चालक इरतज़ा पुत्र मुस्तफा, निवासी खेड़ी कला हरार, थाना सरूरपुर, जनपद मेरठ को रात करीब 8:50 बजे गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार, मामले में थाना अकबरपुर पर मु0अ0सं0-483/26, धारा 11 पशु क्रूरता अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।

पुलिस प्रेस नोट के मुताबिक, बरामद 27 पड़िया को नियमानुसार संबंधित व्यापारी की सुपुर्दगी में दिया गया है, जबकि बरामद डीसीएम को धारा 207 एमवी एक्ट के तहत सीज किया गया है।

पुलिस टीम की कार्रवाई

इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक हरिकेश बहादुर यादव, हेड कांस्टेबल महेन्द्र राम, कांस्टेबल दिनेश कुमार यादव और कांस्टेबल विश्वविजय शामिल रहे।

पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी हरेन्द्र कुमार के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी नगर नितीश कुमार तिवारी के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई।

सवाल पशुओं की सुरक्षा का भी

पशुओं को परिवहन के दौरान किस तरह रखा गया था, यह अब जांच का महत्वपूर्ण बिंदु है। पुलिस के अनुसार यदि उन्हें इस प्रकार बांधा गया था कि वे स्वतंत्र रूप से हिल-डुल भी नहीं पा रही थीं, तो पशु परिवहन के दौरान उनकी सुरक्षा और मानवीय व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

फिलहाल पुलिस कार्रवाई के बाद मामला कानूनी प्रक्रिया में है और आगे की स्थिति जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।

डिस्क्लेमर :

यह समाचार अम्बेडकरनगर पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में दी गई आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों और कार्रवाई को न्यायालय द्वारा अंतिम रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को दोषी घोषित करना इस रिपोर्ट का उद्देश्य नहीं है। दोष सिद्ध होने तक आरोपी को निर्दोष माना जाता है और अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय द्वारा किया जाएगा। बरामद पशुओं की स्थिति, परिवहन की परिस्थितियों तथा अन्य तथ्यों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।

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