खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क आजमगढ़। पवई थाना क्षेत्र के गालिबपुर गांव स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर वाहन हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर आरोपों के चलते चर्चा में है। पेट्रोल पंप मालिक ने मारपीट, गाली-गलौज, कथित जातिसूचक शब्दों के प्रयोग और पेट्रोल पंप में आग लगाने की धमकी दिए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। गाड़ी हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद पीड़ित पेट्रोल पंप मालिक के मुताबिक, वह रोज की तरह रात करीब 10 बजे पेट्रोल पंप पहुंचे थे। परिसर में कई दिनों से एक वाहन खड़ा था। वाहन हटाने को लेकर गांव के अभिषेक तिवारी से बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। https://khabarkitahtak.co.in/wp-content/uploads/2026/08/VID-20260819-WA0022.mp4 पीड़ित का आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई और कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया। आरोप है कि देखते ही देखते विवाद मारपीट की स्थिति तक पहुंच गया। 112 पर सूचना, फिर भी धमकी का आरोप स्थिति बिगड़ती देख पीड़ित ने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। पीड़ित का दावा है कि पुलिस के मौके पर पहुंचने के बावजूद आरोपी पक्ष की ओर से पेट्रोल पंप में आग लगाने की धमकी दी गई। यदि यह आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो मामला केवल आपसी कहासुनी तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि सार्वजनिक स्थान की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय बन जाता है। थाना प्रभारी को दी तहरीर, कार्रवाई का इंतजार पीड़ित ने पूरे मामले को लेकर पवई थाना प्रभारी मनीष पाल को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित के अनुसार, पुलिस की ओर से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उन्हें किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली थी। अब पीड़ित ने उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। सवाल सिर्फ विवाद का नहीं, सुरक्षा का भी पेट्रोल पंप पर ज्वलनशील पदार्थ की मौजूदगी को देखते हुए कथित आग लगाने की धमकी का आरोप सामने आना अपने आप में गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर विवाद किस स्तर तक पहुंचा कि मामला पुलिस की मौजूदगी के बावजूद धमकी तक जा पहुंचा? क्या घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्य से पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ होगी? क्या पुलिस तहरीर के आधार पर विधिक कार्रवाई करेगी? इन सवालों के जवाब अब जांच के बाद ही सामने आएंगे। खबर की तहतक का स्पष्ट मानना है कि किसी भी विवाद में कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय विधिक प्रक्रिया का सहारा लिया जाना चाहिए। साथ ही, शिकायतकर्ता को न्याय और आरोपी को निष्पक्ष जांच—दोनों का अधिकार है। डिस्क्लेमर : इस समाचार में उल्लिखित मारपीट, जातिसूचक शब्दों के प्रयोग तथा आग लगाने की धमकी संबंधी बातें शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के स्तर पर नहीं हुई है। समाचार का उद्देश्य किसी व्यक्ति को दोषी घोषित करना, उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना अथवा न्यायिक निष्कर्ष देना नहीं है। संबंधित व्यक्ति/पक्ष का पक्ष और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आने पर समाचार को उसी के अनुरूप अद्यतन किया जा सकता है। दोष सिद्ध होने तक प्रत्येक व्यक्ति कानून की नजर में निर्दोष माना जाता है और किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने का अंतिम अधिकार सक्षम न्यायालय को है। Follow us on YouTube channel 👇 Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ पुलिस के कथित अभद्र व्यवहार का आरोप, लोकजन सोशलिस्ट पार्टी ने कार्रवाई की मांग उठाई 27 पड़िया को रस्सियों से बांधकर डीसीएम में ले जाने का आरोप, अकबरपुर पुलिस ने चालक को किया गिरफ्तार