अकबरपुर में चोरी की बाइक के साथ कथित वाहन चोर गिरफ्तार, पुलिस ने माधवपुर से चोरी गई स्प्लेंडर बरामद करने का दावा किया

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अम्बेडकरनगर।

अपराध नियंत्रण और वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली अकबरपुर पुलिस ने एक व्यक्ति को चोरी की मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान धीरज मिश्र पुत्र रामसिंगार मिश्रा, निवासी बंधनडीह, थाना कोतवाली अकबरपुर, उम्र करीब 30 वर्ष के रूप में हुई है।

पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के मुताबिक, 19 अगस्त 2026 की रात करीब 1 बजे उपनिरीक्षक राकेश खरवार पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में वांछित अभियुक्तों और चोरी की मोटरसाइकिल की तलाश में थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर कुडिया चितौना मोड़ के पास घेराबंदी कर मोटरसाइकिल सवार एक व्यक्ति को पकड़ा गया।

पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम धीरज मिश्र बताया। उसके कब्जे से हीरो स्प्लेण्डर मोटरसाइकिल संख्या UP50V3973 बरामद हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने उक्त मोटरसाइकिल को एक दिन पूर्व माधवपुर से चोरी करने की बात स्वीकार की है।

चोरी की बाइक बरामदगी के मामले में मुकदमा दर्ज

पुलिस के अनुसार मामले में थाना कोतवाली अकबरपुर में मु0अ0सं0-490/2026, धारा 303(2)/317(2) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को नियमानुसार विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की बात पुलिस ने कही है।

एसपी के निर्देशन में कार्रवाई

कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुश्री प्राची सिंह एवं अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) हरेन्द्र कुमार के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी नगर नितीश कुमार तिवारी के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली अकबरपुर संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई।

गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक राकेश खरवार, हेड कांस्टेबल गणेश बाबू, हेड कांस्टेबल प्रवेश यादव और कांस्टेबल बृजेश यादव शामिल रहे।

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डिस्क्लेमर :

यह समाचार अम्बेडकरनगर पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट में दी गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुई और पूछताछ में उसके द्वारा चोरी की बात स्वीकार किए जाने का उल्लेख है। इन आरोपों एवं बरामदगी का अंतिम सत्यापन तथा दोषसिद्धि न्यायालय की प्रक्रिया के अधीन है। केवल गिरफ्तारी या पुलिस के आरोप के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। दोष सिद्ध होने तक आरोपी को कानून की नजर में निर्दोष माना जाता है।

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