हाईकोर्ट में SDM टांडा के खिलाफ अवमानना मामला, 31 अगस्त को अगली सुनवाई

खबर की तहतक  : निष्पक्ष खबर

“आदेश का हिसाब दीजिए…” हाईकोर्ट ने राज्य पक्ष से मांगी जानकारी, अगली तारीख पर जवाब पर रहेगी नजर

अम्बेडकरनगर/लखनऊ।

तहसील टांडा के उपजिलाधिकारी संजीव सिंह के खिलाफ दाखिल अवमानना मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अगली सुनवाई के लिए 31 अगस्त 2026 की तारीख तय की है। फिलहाल मामले में अदालत की ओर से कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया गया है। अब अगली सुनवाई पर राज्य पक्ष द्वारा आवश्यक निर्देश और जवाब न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की बात सामने आई है।

मामला कॉन्टेम्प्ट एप्लीकेशन (सिविल) संख्या 3222/2026, वासुदेव बनाम संजीव सिंह, उपजिलाधिकारी, तहसील टांडा, जनपद अम्बेडकरनगर से संबंधित बताया गया है। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में कोर्ट नंबर-7 के समक्ष हुई।

13 अगस्त के आदेश में क्या हुआ?

उपलब्ध न्यायिक आदेश के अनुसार, 13 अगस्त 2026 को हुई सुनवाई में राज्य की ओर से उपस्थित अधिवक्ता कुमार गौरव सिंह को अवमानना आवेदन की प्रति तत्काल उपलब्ध कराए जाने का उल्लेख किया गया।

न्यायालय ने राज्य पक्ष को मामले में आवश्यक निर्देश प्राप्त कर अगली सुनवाई पर न्यायालय के समक्ष रखने को कहा है। इसके बाद मामले को अगली सुनवाई के लिए 31 अगस्त 2026 को सूचीबद्ध किए जाने का निर्देश दिया गया।

अब 31 अगस्त पर रहेगी नजर

अगली सुनवाई में सबसे अहम बात यह होगी कि राज्य पक्ष न्यायालय के समक्ष मामले से संबंधित क्या जानकारी और निर्देश प्रस्तुत करता है। इसी के बाद कार्यवाही की अगली दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।

कॉज लिस्ट में विपक्षी पक्ष की ओर से चीफ स्टैंडिंग काउंसिल (CSC) को अधिवक्ता के रूप में दर्शाए जाने का भी उल्लेख किया गया है।

अभी फैसला नहीं, मामला न्यायालय में लंबित

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण कानूनी पहलू यह है कि हाईकोर्ट ने अभी कोई अंतिम फैसला या अवमानना सिद्ध होने का निष्कर्ष नहीं दिया है। इसलिए किसी पक्ष को दोषी ठहराने वाली भाषा का इस्तेमाल करना उचित नहीं होगा।

फिलहाल न्यायालय की कार्यवाही इस स्तर पर है कि राज्य पक्ष आवश्यक निर्देश प्राप्त कर अगली तारीख पर अपना पक्ष न्यायालय के सामने रखेगा। अब 31 अगस्त 2026 की सुनवाई पर अदालत के समक्ष रखे जाने वाले जवाब और आगे के न्यायिक आदेश पर सबकी निगाहें रहेंगी।

खबर की तहतक इस न्यायिक मामले से जुड़े घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। अगली सुनवाई के बाद न्यायालय के आदेश एवं उपलब्ध आधिकारिक अभिलेखों के आधार पर आगे की जानकारी पाठकों तक पहुंचाई जाएगी।

डिस्क्लेमर:

यह समाचार उपलब्ध न्यायिक कार्यवाही/आदेश में उल्लिखित तथ्यों के आधार पर तैयार किया गया है। मामले में लगाए गए आरोप अथवा अवमानना संबंधी दावे को अंतिम रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मामला न्यायालय में लंबित है और अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है। किसी भी व्यक्ति को न्यायालय के अंतिम निर्णय से पहले दोषी या अवमाननाकारक मानना उचित नहीं होगा। पाठकों से अनुरोध है कि मामले की स्थिति के संबंध में अंतिम निष्कर्ष के लिए संबंधित न्यायालय के आधिकारिक आदेशों को प्राथमिक आधार मानें।

— खबर की तहतक

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