‘बोल बम’ के जयघोष से गूंजा जलालपुर, बनारस से शिवबाबा धाम तक कांवरियों ने तय की आस्था की राह

खबर की तहतक

जलालपुर, अम्बेडकरनगर।

सावन की आस्था जब कदमों के साथ आगे बढ़ी तो ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से जलालपुर से लेकर शिवबाबा धाम तक का माहौल शिवमय हो गया। नगपुर, जलालपुर से 12 अगस्त 2026 को कोलकाता बोल बम नि:शुल्क सेवा समिति के नेतृत्व में सैकड़ों कांवरिया श्रद्धालु पवित्र गंगाजल लेने बनारस के लिए रवाना हुए। समिति अध्यक्ष राज कपूर की अगुवाई में निकला कांवरियों का जत्था भक्ति, अनुशासन और सेवा की भावना का संदेश देता नजर आया।

गंगाजल लेकर शिवधाम की ओर बढ़े कदम

बनारस पहुंचने के बाद कांवरिया श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगाजल प्राप्त किया और अपनी आस्था की यात्रा को आगे बढ़ाया। कांवरियों का लक्ष्य स्पष्ट था—पवित्र जल लेकर शिवबाबा धाम पहुंचना और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करना।

शिवबाबा धाम पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान और श्रद्धाभाव के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर में गूंजते ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

कांवरियों के बीच पहुंचे अकबरपुर कोतवाल

यात्रा के दौरान अकबरपुर कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने भी कांवरिया श्रद्धालुओं से मुलाकात की। समिति अध्यक्ष राज कपूर की अगुवाई में मौजूद कांवरियों से उन्होंने बातचीत कर उनका हालचाल जाना और यात्रा के संबंध में जानकारी ली।

पुलिस अधिकारी का श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर संवाद करना यात्रा के दौरान सुरक्षा और सहयोग के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा। कांवरियों ने भी पुलिस की इस पहल को सकारात्मक रूप से लिया।

श्रद्धा के साथ सेवा—यात्रा की बनी पहचान

कोलकाता बोल बम नि:शुल्क सेवा समिति की यह यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें सेवा, सहयोग और सामूहिक अनुशासन की झलक भी दिखाई दी। सैकड़ों श्रद्धालुओं का एक साथ यात्रा करना और सुरक्षित तरीके से शिवधाम पहुंचकर जलाभिषेक करना लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना।

कांवरियों की टोली में उमड़ा उत्साह और शिवभक्ति का भाव यह संदेश देता नजर आया कि धार्मिक यात्राएं केवल आस्था की अभिव्यक्ति ही नहीं, बल्कि सामूहिक सहयोग, अनुशासन और सामाजिक सद्भाव का माध्यम भी बन सकती हैं।

आस्था के इस सफर में दिखा पुलिस-श्रद्धालु संवाद

कांवरियों से पुलिस अधिकारी की मुलाकात ने यात्रा में एक और सकारात्मक पहलू जोड़ा। एक ओर श्रद्धालु भगवान शिव की भक्ति में लीन दिखाई दिए, तो दूसरी ओर पुलिस प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के साथ संवाद और उनकी यात्रा का हाल जानने की पहल नजर आई।

नागपुर से बनारस, बनारस से गंगाजल और फिर शिवबाबा धाम तक—यह यात्रा भक्ति, विश्वास और सेवा की उस तस्वीर को सामने लाती है, जहां ‘बोल बम’ की गूंज के साथ श्रद्धालुओं की आस्था अपने आराध्य के चरणों तक पहुंची।

खबर की तहतक के लिए यह यात्रा धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सौहार्द, सेवा और सहयोग की भावना की एक जीवंत तस्वीर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

Call Now Button