इमली महुआ में भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों का हस्ताक्षर अभियान, चौपाल में उठी आवाज़

जलालपुर/अंबेडकरनगर, 12 अगस्त 2026।

संवाददाता – अनिल यादव

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से सटे गांवों की भूमि के कथित जबरिया अधिग्रहण के विरोध में बुधवार को इमली महुआ गांव में किसान चौपाल आयोजित की गई। चौपाल में बड़ी संख्या में किसान, खेतिहर मज़दूर और ग्रामीण शामिल हुए तथा प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया गया।

सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि कृषि भूमि ही उनके परिवारों के जीवन और आजीविका का आधार है और वे किसी भी परियोजना के नाम पर अपनी भूमि देने को तैयार नहीं हैं। चौपाल के दौरान किसानों ने भूमि अधिकारों से जुड़े नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

किसान चौपाल को संबोधित करते हुए पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव वीरेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि गाटा संख्या 269 से संबंधित भूमि अभिलेखों में अनियमितता हुई है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार द्वारा पूर्व में की गई भूमि रजिस्ट्री के बावजूद संबंधित भूमि पर यूपीडा का नाम दर्ज किया जाना गैरकानूनी है। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और भूमि अधिग्रहण कानून का पालन सुनिश्चित किया जाए।

चौपाल में मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता राज शेखर ने कहा कि इमली महुआ तथा आसपास के गांवों में कई पट्टाधारी किसानों की भूमि पूर्व में एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए ली गई थी और ग्रामीणों को पर्याप्त मुआवज़ा न मिलने की शिकायत है। उन्होंने सरकार से प्रस्तावित अधिग्रहण संबंधी निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की।

कार्यक्रम में छोटेलाल, मयाराम, अरविंद, कमलेश, गौतम, सोनू, मेवालाल, संजय, उमाशंकर, सुनीता, विमला देवी सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।

ग्रामीणों ने बताया कि हस्ताक्षर अभियान आगे भी जारी रखा जाएगा और मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपने की तैयारी की जा रही है।

डिस्क्लेमर :

यह समाचार आयोजन में उपस्थित लोगों एवं आयोजकों द्वारा दिए गए बयानों पर आधारित है। भूमि अभिलेख, मुआवज़ा एवं अधिग्रहण संबंधी आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि शेष है। संबंधित पक्षों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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