जबरिया भूमि अधिग्रहण के विरोध में गोखवल में किसान चौपाल, किसानों ने कहा—‘एक इंच जमीन नहीं देंगे’

खबर की तहतक | विशेष रिपोर्ट । आजमगढ़

संवाददाता – अनिल यादव

11 अगस्त 2026, गोखवल। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के आसपास स्थित गांवों में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर बढ़ती आशंकाओं के बीच मंगलवार को गोखवल गांव में डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर किसान चौपाल आयोजित की गई। चौपाल में बड़ी संख्या में किसानों, पट्टाधारकों, खेत मजदूरों और ग्रामीणों ने भाग लेकर कथित जबरन भूमि अधिग्रहण का विरोध जताया।

सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि कृषि भूमि उनके जीवन, आजीविका और पारिवारिक भविष्य का आधार है तथा किसी भी परियोजना के नाम पर उनकी जमीन बिना सहमति नहीं ली जानी चाहिए। किसानों ने कहा कि वे अपनी जमीन की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।

चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने भूमि अधिकारों और किसान हितों से जुड़े नारे लगाए। कार्यक्रम का माहौल शांतिपूर्ण रहा, हालांकि वक्ताओं ने भूमि अधिग्रहण की संभावनाओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।

पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव वीरेंद्र यादव ने कहा कि मीडिया और सार्वजनिक चर्चाओं में 24 गांवों की लगभग 1152 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की संभावना संबंधी खबरें आने से किसानों में भय और मानसिक तनाव का वातावरण बन रहा है। उन्होंने मांग की कि किसी भी संभावित परियोजना में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से संबंधित प्रचलित कानूनों का पूर्ण पालन किया जाए तथा किसानों की सहमति और अधिकारों की अनदेखी न की जाए।

सामाजिक कार्यकर्ता राज शेखर ने कहा कि गोखवल और आसपास के कुछ गांवों में पूर्व में एक्सप्रेसवे परियोजना के दौरान प्रभावित पट्टाधारी किसानों को पर्याप्त मुआवजा न मिलने की शिकायतें रही हैं। उन्होंने सरकार से ग्रामीणों की चिंताओं को गंभीरता से लेने और स्पष्ट स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की।

चौपाल में महेंद्र प्रताप, दिनेश कुमार (भूतपूर्व प्रधान), रमेश कुमार, जोखू राम (बीडीसी), अखिलेश कुमार, रामकली देवी, संपत्ति देवी, शीला देवी, उर्मिला देवी, चंद्रेश कुमार, रामचेत सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि यदि किसी प्रकार का भूमि सर्वेक्षण या अधिग्रहण प्रस्ताव विचाराधीन हो तो उसकी जानकारी पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक की जाए और किसानों के साथ संवाद स्थापित किया जाए।

डिस्क्लेमर:

यह समाचार किसान चौपाल में वक्ताओं द्वारा व्यक्त विचारों, स्थानीय ग्रामीणों की शिकायतों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। भूमि अधिग्रहण से संबंधित दावे और आरोप संबंधित पक्षों के कथन हैं, जिनकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि इस समाचार के प्रकाशन तक उपलब्ध नहीं थी। खबर की तहतक किसी दावे की सत्यता का अंतिम निर्णय नहीं करता और संबंधित प्रशासनिक एवं सरकारी पक्ष का आधिकारिक वक्तव्य उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।

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