खबर की तहतक वेब पोर्टल ✍️ | ट्रैवल विशेष हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति क्षेत्र में स्थित चंद्रताल झील हिमालय की उन दुर्लभ प्राकृतिक धरोहरों में से एक है, जिसे देखकर सैलानी स्विट्जरलैंड जैसी मशहूर वादियों को भी भूल जाते हैं। समुद्र तल से लगभग 4,300 मीटर की ऊंचाई पर बसी यह झील अपनी रहस्यमयी खूबसूरती और रंग बदलते पानी के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। दिन में तीन बार बदलता है झील का रंग चंद्रताल झील की सबसे अनोखी खासियत यह है कि यहां का पानी दिन में तीन बार रंग बदलता हुआ नजर आता है। सुबह: हल्का नीला दोपहर: चमकीला फ़िरोज़ी शाम: गहरा नीला या हरा विशेषज्ञों के अनुसार सूरज की रोशनी, बादलों की छाया और झील की गहराई में मौजूद खनिज तत्वों के कारण यह प्राकृतिक रंग परिवर्तन होता है, जो इसे और भी रहस्यमयी बनाता है। नाम के पीछे की कहानी “चंद्रताल” का अर्थ है चंद्रमा की झील। कहा जाता है कि इसकी आकृति आधे चांद जैसी है, इसलिए इसे यह नाम मिला। स्थानीय लोककथाओं में मान्यता है कि यह स्थान पवित्र है और महाभारत काल से जुड़ी कथाएं भी इससे संबंधित बताई जाती हैं। ट्रेकर्स और फोटोग्राफर्स की पहली पसंद चंद्रताल झील ट्रेकिंग के शौकीनों और प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं। चारों ओर बर्फ से ढकी चोटियां, शांत वातावरण और रात में तारों से भरा आसमान इसे फोटोग्राफी के लिए भी आदर्श स्थल बनाता है। कैसे पहुंचे चंद्रताल झील निकटतम शहर: मनाली मनाली से रोहतांग पास होते हुए कुंजुम पास तक सड़क मार्ग अंतिम कुछ किलोमीटर की दूरी ट्रेकिंग से तय करनी पड़ती है घूमने का सबसे अच्छा समय चंद्रताल झील घूमने का उपयुक्त समय जून से सितंबर के बीच माना जाता है। सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण यह क्षेत्र बंद रहता है। जरूरी सावधानियां ऊंचाई के कारण ऑक्सीजन की कमी हो सकती है गर्म कपड़े और जरूरी दवाइयां साथ रखें झील को प्रदूषित न करें, प्लास्टिक का उपयोग न करें निष्कर्ष यदि आप भीड़-भाड़ से दूर प्रकृति के असली रंग देखना चाहते हैं, तो चंद्रताल झील आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होनी चाहिए। यह जगह न सिर्फ आंखों को सुकून देती है, बल्कि मन को भी प्रकृति से जोड़ देती है—वाकई, यहां आकर स्विट्जरलैंड भी फीका लग सकता है। Post navigation 40 के लड़के ने 60 की तलाकशुदा महिला से रचाई शादी — उम्र का फर्क, समाज के ताने और सवाल सबको पीछे छोड़कर बनी प्रेरणादायक लव स्टोरी जन्मदिन पर मायावती का सियासी ऐलान, बोलीं– ‘करारा जवाब देंगे, सत्ता में लौटेगी बसपा’