खबर की तहतक | जलालपुर, अंबेडकरनगर जल शक्ति मिशन के तहत करोड़ों रुपये की लागत से कराए जा रहे पेयजल परियोजना कार्यों की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जलालपुर तहसील क्षेत्र के गौसपुर ककरहिया गांव से सामने आए एक वीडियो ने पाइपलाइन निर्माण और निगरानी व्यवस्था को कटघरे में ला दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पाइपलाइन मानकों के अनुरूप नहीं बिछाई गई और कई स्थानों पर पानी का रिसाव हो रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह घटना 10 अगस्त 2026, सोमवार को लगभग शाम 4 बजे की बताई जा रही है। वीडियो में पाइप को नहर के ऊपर से खुले में ले जाते हुए तथा उससे पानी रिसते हुए देखा जा सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी स्थिति भविष्य में बड़ी तकनीकी समस्या और सरकारी धन की बर्बादी का कारण बन सकती है। गुणवत्ता पर गंभीर सवाल ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया। कई जगह लीकेज, पाइपलाइन की असुरक्षित स्थिति और खराब रास्तों की समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों ने पानी की टंकी निर्माण में प्रयुक्त ईंट तथा अन्य सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कार्यों की निगरानी ब्लॉक हेड तीरथ यादव और जेई तेज बहादुर यादव की देखरेख में हो रही है, इसलिए पूरे प्रकरण की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए। अरई ग्राम सभा में पानी आपूर्ति प्रभावित होने का आरोप स्थानीय सूत्रों के अनुसार ग्राम सभा अरई में कई महीनों से टंकी का पानी नियमित रूप से नहीं पहुंच रहा है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि पेयजल योजना पर भारी धनराशि खर्च होने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सुविधा नहीं मिल पा रही है। मीडिया के सवालों पर जिम्मेदारों की चुप्पी? खबर की तहतक द्वारा ब्लॉक हेड तीरथ यादव का पक्ष जानने के लिए लगातार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक फोन रिसीव नहीं किया गया। इससे स्थानीय लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि जिम्मेदार अधिकारी मीडिया के प्रश्नों का जवाब देने से क्यों बच रहे हैं। एसडीएम ने कहा—लापरवाही बर्दाश्त नहीं इस मामले में जब उप जिलाधिकारी जलालपुर मधुमिता सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी इस प्रकार की लापरवाही संज्ञान में आती है तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों की प्रमुख मांगें ग्रामीणों ने जिलाधिकारी अंबेडकरनगर से मांग की है कि: – परियोजना की स्थलीय जांच कराई जाए, – पाइपलाइन, ईंट और अन्य निर्माण सामग्री की तकनीकी गुणवत्ता जांच हो, – रिसाव और निर्माण संबंधी कमियों की जिम्मेदारी तय की जाए, – कमियां दूर होने तक परियोजना का हैंडओवर रोका जाए। अब उठ रहे हैं ये बड़े सवाल – करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पाइपलाइन खुले में और लीकेज की स्थिति में क्यों छोड़ी गई? – क्या कार्यदायी संस्था और निगरानी करने वाले अधिकारी मौके पर दिखाई दे रही कमियों की जवाबदेही तय करेंगे? – मीडिया द्वारा लगातार सवाल पूछे जाने के बावजूद संबंधित अधिकारी जवाब क्यों नहीं दे रहे? – क्या जिलाधिकारी इस मामले में तत्काल तकनीकी जांच कराकर सरकारी धन और ग्रामीणों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करेंगी? https://khabarkitahtak.co.in/wp-content/uploads/2026/08/VID-20260811-WA0005.mp4 खबर की तहतक की अपील यदि आपके गांव में भी जल शक्ति मिशन या पेयजल परियोजना से संबंधित ऐसी कोई समस्या है, तो ग्राम सभा का नाम और समस्या का विवरण संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित रूप में दें तथा आवश्यक होने पर जनसुनवाई पोर्टल या जिला प्रशासन को शिकायत भेजें। डिस्क्लेमर: यह समाचार स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों, उपलब्ध वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के दावों तथा प्रशासनिक प्रतिक्रिया के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में उल्लिखित आरोपों की अंतिम पुष्टि संबंधित विभागीय एवं तकनीकी जांच के बाद ही मानी जाएगी। खबर की तहतक किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी घोषित नहीं करता तथा सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का अधिकार सुरक्षित मानता है। यदि संबंधित अधिकारी या विभाग अपना पक्ष उपलब्ध कराते हैं, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation कोलंबिया में भीषण भूकंप से भारी तबाही: 132 लोगों की मौत, 570 से अधिक घायल, राष्ट्रीय आपातकाल घोषित जलालपुर में भाजपा की भव्य तिरंगा यात्रा संपन्न, देशभक्ति के नारों से गूंजा नगर