कांवरियों की आस्था पर भारी पड़ी बदहाल सड़क,नंगे पांव छलनी हुए कदम

खबर की तहतक

जलालपुर, अंबेडकरनगर।

सावन के पवित्र माह में भगवान भोलेनाथ की भक्ति में कांवर लेकर पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए नगपुर को जलालपुर से जोड़ने वाला मार्ग परेशानी का कारण बना हुआ है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, कंकड़ और पत्थर होने के कारण पैदल चलने वाले कांवरियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कोलकाता बोल बम नि:शुल्क सेवा समिति के अध्यक्ष राज कपूर द्वारा मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, जिला पंचायत कार्यालय, विकासखंड जलालपुर तथा संबंधित विभागों को लिखित प्रार्थना पत्र देकर सड़क को गड्ढामुक्त कराने का अनुरोध किया गया था। बताया गया कि प्रशासन की ओर से सड़क को दुरुस्त कराने का आश्वासन भी मिला था, लेकिन अभी तक मार्ग की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है।

नंगे पांव कांवर यात्रा ने बढ़ाई चिंता

बीते 9 अगस्त 2026 को महिला कांवरियों ने इसी मार्ग से नंगे पांव पैदल यात्रा की। जर्जर सड़क पर मौजूद कंकड़-पत्थरों के बीच श्रद्धालुओं को यात्रा पूरी करनी पड़ी। इससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नाराजगी देखने को मिली।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सावन के दौरान इस मार्ग से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आवागमन करते हैं। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति न केवल उनकी यात्रा को कठिन बना रही है, बल्कि सुरक्षित आवागमन को लेकर भी सवाल खड़े कर रही है।

12 अगस्त की यात्रा से पहले क्या होगी सड़क की मरम्मत?

अब स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की निगाह प्रशासन पर है। आगामी 12 अगस्त 2026 को होने वाली कांवर यात्रा से पहले क्या संबंधित विभाग इस मार्ग की मरम्मत कराकर इसे गड्ढामुक्त कराएंगे? यह सवाल क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

श्रद्धालुओं की मांग है कि उनकी धार्मिक आस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन तत्काल मार्ग का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य कराए, ताकि कांवर यात्रा के दौरान किसी श्रद्धालु को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

खबर की तह तक संबंधित विभाग और प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।

डिस्क्लेमर:

यह खबर स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं तथा संबंधित पक्षों से प्राप्त जानकारी और उपलब्ध विवरणों के आधार पर तैयार की गई है। खबर में लगाए गए आरोप अथवा प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई/आश्वासन से संबंधित दावे संबंधित स्रोतों के कथन पर आधारित हैं। खबर की तह तक किसी भी व्यक्ति, संस्था अथवा विभाग के विरुद्ध आरोपों को स्वयं प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं करता। संबंधित प्रशासनिक विभाग अथवा अन्य पक्ष का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे निष्पक्षता एवं संतुलन के साथ प्रकाशित किया जाएगा। पाठकों से भी अपील है कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित तथ्यों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें।

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