खबर की तहतक अम्बेडकरनगर (जलालपुर)। ज्ञान स्मारक महिला महाविद्यालय, आलमपुर अमर तल में आयोजित दीक्षा समारोह में संस्कारों के महत्व पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर आई. जे. सिंह ने कहा कि जलालपुर अंबेडकर नगर संस्कारों की भूमि है, जहां जन्म से लेकर मृत्यु तक 16 संस्कारों की परंपरा हमारे जीवन को दिशा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि संस्कार ही जीवन जीने की कला सिखाते हैं, जिनमें विद्या अध्ययन संस्कार का विशेष महत्व है। प्रो. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि प्राचीन समय में बालक की शिक्षा से पूर्व गुरुकुल में विद्या अध्ययन संस्कार कराया जाता था, जिसमें शिक्षा के साथ-साथ त्याग, समाज सेवा, अनुशासन, गुरुजनों का सम्मान और नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी जाती थी। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे इन्हीं मूल्यों को अपनाकर शिक्षा ग्रहण करें और समाज एवं देश को सशक्त बनाने में अपना योगदान दें। इस अवसर पर मुख्य अतिथि राम केवल प्रजापति एवं विशिष्ट अतिथि संतोष प्रजापति ने भी छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने जीवन में देश और समाज सेवा के प्रति समर्पण की भावना रखें और शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनें। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात छात्राओं द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिनकी उपस्थित जनसमूह ने सराहना की। https://khabarkitahtak.co.in/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260731-WA0009.mp4 इस अवसर पर महाविद्यालय की शिक्षिकाएं प्रियंका, नेहा सिंह, अरुण कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में महाविद्यालय के संरक्षक प्रोफेसर आई. जे. सिंह ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया। डिस्क्लेमर : यह समाचार कार्यक्रम में दी गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें व्यक्त विचार वक्ताओं के निजी हैं। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे पर बड़ी कार्रवाई, चंडीगढ़ से बिहार ले जाई जा रही 211 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद शासनादेश जारी होने के 19 माह बाद भी नहीं हुआ शिक्षामित्रों का स्थानांतरण, 1 अगस्त से शिक्षामित्र करेंगे अनिश्चितकालीन आन्दोलन