वेब पोर्टल “खबर की तहतक” संवाददाता आलापुर : पंकज कुमार अम्बेडकरनगर। जनपद के थाना हंसवर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा जैनुद्दीनपुर बैरमपुर में तालाब एवं चकमार्ग की सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। गांव निवासी राकेश नायक पुत्र अशोक कुमार नायक ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच एवं विधिक कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता के अनुसार ग्राम सभा स्थित गाटा संख्या 408 राजस्व अभिलेखों में तालाब के रूप में दर्ज है, जबकि गाटा संख्या 424 एवं 430 चकमार्ग की भूमि के रूप में अंकित हैं। आरोप है कि गांव के कुछ व्यक्तियों द्वारा उक्त भूमि पर निर्माण कार्य कराकर कब्जा किए जाने का प्रयास किया गया है। पीड़ित का दावा है कि संबंधित भूमि से जुड़े विवादों में पूर्व में न्यायालयीन कार्यवाही हो चुकी है तथा कुछ प्रकरण वर्तमान में फैजाबाद कमिश्नरी न्यायालय में विचाराधीन हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि न्यायालय में मामले लंबित होने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा गया, जिससे सरकारी भूमि की स्थिति प्रभावित हो सकती है। राकेश नायक ने आरोप लगाया है कि भूमि की पैमाइश एवं निशानदेही के लिए कई बार आवेदन दिए जाने के बावजूद वास्तविक स्थिति के अनुरूप कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के दबाव के कारण राजस्व अभिलेखों एवं स्थल की स्थिति का समुचित परीक्षण नहीं हो पा रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, भूमि विवाद को लेकर विरोध करने पर उनके एवं परिवार के सदस्यों के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने तथा विवाद की स्थिति उत्पन्न किए जाने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने प्रशासन से परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। पीड़ित ने जिलाधिकारी से मांग की है कि तालाब एवं चकमार्ग की भूमि की निष्पक्ष जांच कराकर सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं समाचार लिखे जाने तक जिला प्रशासन अथवा संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी। मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच एवं न्यायालयीन प्रक्रिया के उपरांत ही स्पष्ट हो सकेगी। डिस्क्लेमर (Disclaimer) यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र एवं उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रकाशित किया गया है। समाचार में वर्णित आरोप संबंधित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि समाचार संस्था द्वारा नहीं की गई है। संबंधित मामले के कुछ प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन बताए गए हैं। आरोपित व्यक्तियों को किसी भी प्रकार से दोषी नहीं माना जा सकता जब तक कि सक्षम न्यायालय अथवा संबंधित प्राधिकारी द्वारा कोई अंतिम निर्णय न दिया जाए। प्रशासनिक जांच, राजस्व अभिलेखों एवं न्यायालयीन आदेशों के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। यदि किसी पक्ष को समाचार में प्रकाशित तथ्यों पर आपत्ति या स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना हो, तो उसका पक्ष भी समान महत्व के साथ प्रकाशित किया जाएगा। खबर की तहतक — निष्पक्षता, सत्यता और जनहित के प्रति प्रतिबद्ध। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation 18 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा गया वन दरोगा, एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई शक, साजिश और सन्नाटे की दर्दनाक कहानी, चार वर्षों बाद पुलिस जांच में सामने आया मामला