बिजली के खंभे में उतरे करंट ने छीन ली मासूम की जिंदगी, 8 वर्षीय दिशा की दर्दनाक मौत से गांव में मातम

खबर की तहतक

अम्बेडकरनगर।

जिले के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत राबी बहाउद्दीनपुर गांव में एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। खेलते समय बिजली के खंभे से जुड़े अर्थिंग तार में उतरे करंट की चपेट में आने से 8 वर्षीय मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राबी बहाउद्दीनपुर गांव निवासी दिशा पुत्री रवि राजभर घर के पास अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान वह बिजली के खंभे से जुड़े अर्थिंग तार के संपर्क में आ गई। बताया जा रहा है कि तार में करंट प्रवाहित हो रहा था, जिसकी चपेट में आते ही मासूम गंभीर रूप से झुलस गई।

परिजन आनन-फानन में बच्ची को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

घटना के बाद परिजनों ने बिजली विभाग की कथित लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि यदि विद्युत व्यवस्था की समय रहते जांच और रखरखाव किया गया होता तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। ग्रामीणों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

 

सूचना मिलने पर पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है तथा घटना के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्य जुटाए जा रहे हैं।

एक मासूम की असमय मौत ने न केवल एक परिवार की खुशियां छीन लीं, बल्कि विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संबंधित विभाग को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

डिस्क्लेमर

यह समाचार स्थानीय स्तर पर प्राप्त प्रारंभिक सूचनाओं, प्रत्यक्षदर्शियों, परिजनों के कथनों एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तैयार किया गया है। बिजली विभाग की कथित लापरवाही संबंधी आरोप परिजनों एवं स्थानीय लोगों के बयान हैं। घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि संबंधित विभागों की जांच एवं आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। “खबर की तह तक” किसी भी व्यक्ति, संस्था या विभाग को जांच पूर्ण होने से पूर्व दोषी नहीं ठहराता। पाठकों से अपील है कि मामले से संबंधित अंतिम निष्कर्ष सक्षम प्राधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही मानें।

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