वेब पोर्टल — खबर की तहतक मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में कानून-व्यवस्था को चुनौती देती एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। थाना हाईवे क्षेत्र के महोली गांव में भंडारा लगाने और मोटरसाइकिल टकराने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच खुलेआम ताबड़तोड़ फायरिंग हुई, जिसमें आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि गांव में पार्षद प्रतिनिधि और स्थानीय निवासी चंद्रपाल के बीच करीब छह माह पहले भी विवाद हुआ था। उस समय ग्रामीणों के हस्तक्षेप से मामला शांत हो गया था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। गुरुवार 28 मई को परिक्रमा मार्ग पर भंडारा लगाने की प्रतिस्पर्धा और मोटरसाइकिल टकराने की मामूली बात ने पुराने विवाद को फिर भड़का दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही देर में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और गाली-गलौज के बाद खुलेआम फायरिंग शुरू हो गई। वायरल सीसीटीवी फुटेज में कई लोग हाथों में हथियार लेकर एक-दूसरे पर गोलियां चलाते दिखाई दे रहे हैं। गांव की गलियों में गोलियों की आवाज से अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। इस हिंसक संघर्ष में कुल छह लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को हिरासत में लिया है तथा उनके कब्जे से अवैध हथियार भी बरामद किए गए हैं। घटना के बाद राजनीतिक माहौल भी गर्मा गया है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस नेताओं ने घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष ने आरोप लगाया कि अपराधियों में पुलिस और प्रशासन का भय समाप्त होता जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने तत्काल सख्त कदम उठाए। थाना हाईवे के प्रभारी निरीक्षक शैलेन्द्र कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया, जबकि निरीक्षक प्रशान्त कपिल को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा चौकी औद्योगिक क्षेत्र/पन्ना पोखर पर तैनात उपनिरीक्षक संदीप कुमार और आरक्षी आदर्श कुमार को प्रारंभिक रूप से दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी श्लोक कुमार ने कहा कि मामले में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। मथुरा की यह घटना एक बार फिर इस सवाल को खड़ा कर रही है कि आखिर सार्वजनिक स्थानों पर खुलेआम हथियार लहराने और गोलियां चलाने वालों में कानून का भय क्यों समाप्त होता जा रहा है। डिस्क्लेमर यह खबर विभिन्न मीडिया स्रोतों, वायरल वीडियो, पुलिस अधिकारियों के आधिकारिक बयानों एवं उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। “खबर की तहतक” किसी भी वायरल वीडियो अथवा सोशल मीडिया दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। मामले की जांच पुलिस एवं संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है। जांच पूर्ण होने तक सभी आरोपित कानून की नजर में आरोपी मात्र हैं। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation दिलीप देव पटेल बने भाजपा जिला अध्यक्ष, कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर मानसून से पहले सरकार का बड़ा फैसला: 24 घंटे में मिलेगा आपदा पीड़ितों को मुआवजा