खबर की तहतक ✍️ अंबेडकरनगर जनपद अंबेडकरनगर के ग्राम सभा गौरा कमाल अंतर्गत लारपुर दक्षिण गांव में अवैध नाले के निर्माण को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। ग्रामीणों और किसानों ने तहसील प्रशासन पर मनमानी, पक्षपातपूर्ण कार्रवाई और न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। कोर्ट के आदेश के बावजूद विवाद ग्रामीणों के अनुसार, गांव में कुछ समय पहले नाले का निर्माण कार्य शुरू किया गया था, जिसका किसानों ने अवैध बताते हुए विरोध किया। विरोध के दौरान ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन भी किया था। आरोप है कि पहले नाले की खुदाई एक दिशा में की गई, लेकिन बाद में कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में इसकी दिशा बदल दी गई। मामला बढ़ते-बढ़ते लखनऊ हाईकोर्ट की बेंच तक पहुंचा, जहां न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 8 फीट 3 इंच चौड़े चकमार्ग का विधिवत सीमांकन किया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि कहीं अतिक्रमण हो तो उसे हटाया जाए। न्यायालय ने यह भी निर्देशित किया कि यदि नाला किसानों की निजी भूमि से होकर गुजरता है, तो भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अपनाते हुए उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों का आरोप—बिना सीमांकन हो रही कार्रवाई ग्रामीणों का कहना है कि न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद तहसील प्रशासन बिना सही सीमांकन के गांव में अलग-अलग स्थानों पर पैमाइश कर रहा है। इससे न केवल भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है, बल्कि किसानों के बीच आपसी विवाद भी बढ़ रहे हैं, जिससे गांव की शांति व्यवस्था प्रभावित हो रही है। नेताओं का हस्तक्षेप, निष्पक्ष जांच की मांग मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस नेता बृजेश सिंह यादव भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने तहसील प्रशासन पर भ्रष्टाचार और किसानों के साथ अन्याय का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों के अधिकारों का हनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गांव में कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की होगी। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को मामले से अवगत कराते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। नक्शा सार्वजनिक करने की मांग बृजेश सिंह यादव ने प्रशासन से मांग की है कि नाले का अधिकृत नक्शा सार्वजनिक किया जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि 8 फीट 3 इंच के चकमार्ग के बाद बची जमीन किसकी है तथा नाले का निर्माण किस आधार पर किया जा रहा है। गांव में तनावपूर्ण माहौल फिलहाल गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर विवाद का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है, ताकि किसी भी संभावित टकराव से बचा जा सके। 👉 यह मामला अब केवल एक नाले के निर्माण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि किसानों के अधिकार, प्रशासनिक पारदर्शिता और न्यायिक आदेशों के पालन का बड़ा सवाल बनता जा रहा है। Follow us on YouTube channel 👉 Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation मीरानपुर में दिल दहला देने वाली वारदात: चार मासूम बच्चों की निर्मम हत्या, मां लापता महिला आरक्षण बिल पर जलालपुर में महिलाओं का प्रदर्शन, विपक्ष के रुख पर जताया आक्रोश