खबर की तहतक ✍️ (वेब पोर्टल) विशेष खबर जलालपुर, अंबेडकरनगर। विकास के दावों के बीच जमीनी हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जलालपुर ब्लॉक अंतर्गत शाहपुर फिरोजपुर गांव में सड़क निर्माण में हुई कथित अनदेखी ने ग्रामीणों के आक्रोश को भड़का दिया है। गांव की घनी बस्ती में लगभग 200 मीटर तक आरसीसी रोड का निर्माण कराया गया, वहीं दोनों ओर तारकोल सड़क की मरम्मत भी कराई गई। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इसी मार्ग पर मात्र लगभग 25 से 30 मीटर का हिस्सा आरसीसी रोड से वंचित छोड़ दिया गया। अब यही छोटा सा हिस्सा पूरे गांव के लिए बड़ी समस्या बन चुका है। “क्या लगभग 25 मीटर में खत्म हो जाता है विकास?” ग्रामीणों का सीधा सवाल है—जब घनी बस्ती के आधार पर सड़क निर्माण किया गया, तो आखिर 25-30 मीटर का यह हिस्सा क्यों छोड़ दिया गया? क्या इस हिस्से में रहने वाले लोग बुनियादी सुविधाओं के हकदार नहीं हैं? आवागमन में दिक्कत, सड़क पर टूट-फूट का खतरा इस अधूरे निर्माण का असर अब साफ दिखने लगा है। सड़क के किनारे बने मकान थोड़ी ऊंचाई पर हैं, जिससे जब भी कोई वाहन घरों की ओर जाता है, तो मलबा सड़क पर आ जाता है। इससे सड़क की हालत तेजी से खराब हो रही है और आने वाले समय में आवागमन बाधित होने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों का फूटा गुस्सा गांव के निवासी श्याम बहादुर पाल, लाल बहादुर पाल, राजबहादुर पाल, आनंद, अंकेश, नैतिक सहित कई लोगों ने विरोध जताते हुए कहा कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा में भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि यदि पूरा मार्ग आरसीसी से बनाया जाता, तो न सड़क खराब होती और न ही लोगों को परेशानी होती। “मरम्मत का मतलब अधूरा काम नहीं” ग्रामीणों ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि अंततः आवागमन बाधित ही होना था, तो फिर सड़क मरम्मत का दिखावा क्यों किया गया? क्या यह केवल कागजों पर विकास दिखाने का प्रयास है? शासन-प्रशासन पर टिकी निगाहें अब पूरे गांव की निगाहें शासन और प्रशासन पर टिकी हैं। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जिम्मेदार अधिकारी इस अधूरे कार्य का संज्ञान लेकर जल्द ही बाकी 25-30 मीटर सड़क का निर्माण कराएंगे, ताकि सभी ग्रामीणों को समान रूप से सुविधा मिल सके। 👉 निष्कर्ष: कभी-कभी विकास की असल तस्वीर बड़े प्रोजेक्ट्स में नहीं, बल्कि ऐसे “छोटे छूटे हिस्सों” में नजर आती है, जहां से असंतोष जन्म लेता है। शाहपुर फिरोजपुर की यह 25 मीटर सड़क अब प्रशासनिक संवेदनशीलता की परीक्षा बन चुकी है। (खबर की तहतक — सच के साथ) Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation चंद सेकंड का गुस्सा बना मौत की वजह—वीडियो गेम के विवाद में 16 वर्षीय किशोर की हत्या भाजपा स्थापना दिवस पर कर्दमेश्वर महादेव मंदिर परिसर में चला स्वच्छता अभियान, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का हुआ सम्मान
ग्रामीणों का आक्रोश पूर्णतः स्वाभाविक एवं न्यायसंगत प्रतीत होता है। जब मात्र 25 से 30 मीटर की अल्प दूरी की सड़क के अभाव में नागरिकों को आवागमन जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित रहना पड़ता है, तो यह प्रशासनिक उदासीनता का द्योतक है। संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार सुनिश्चित किया गया है, जिसमें आधारभूत सुविधाएं भी सम्मिलित हैं। अतः संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का यह दायित्व बनता है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए शीघ्रातिशीघ्र उक्त सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए, जिससे ग्रामीणों को उनके मूल अधिकारों का लाभ प्राप्त हो सके। Loading... Reply