गोल्डन ऑवर’ में नहीं पहुंची एंबुलेंस, सड़क पर तड़पते रहे घायल — राहगीरों ने बचाई जान

खबर की तहतक ✍️

जलालपुर (अम्बेडकरनगर)।

सड़क हादसों में घायल की जान बचाने वाला सबसे अहम समय ‘गोल्डन ऑवर’ यहां स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आया। कोतवाली क्षेत्र के वाजिदपुर स्थित बीएसएनएल एक्सचेंज के पास हुए भीषण हादसे में घायल युवक और महिला करीब आधे घंटे तक सड़क पर तड़पते रहे, लेकिन एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच सकी।

तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिपाह गांव निवासी लक्ष्मी और उनके भतीजे निखिल चौहान बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान महिला प्रखंड महाविद्यालय की तरफ से आ रही एक अज्ञात तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

30 मिनट तक नहीं पहुंची एंबुलेंस

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने डायल 108 एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि करीब 30 मिनट तक कोई मदद मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान घायल दर्द से तड़पते रहे और उनकी हालत लगातार बिगड़ती रही।

राहगीरों ने दिखाई इंसानियत

स्थिति गंभीर होते देख आसपास के लोगों ने मानवता का परिचय दिया और एक ई-रिक्शा की मदद से दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नगपुर पहुंचाया।

एक की हालत गंभीर, जिला अस्पताल रेफर

सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने निखिल चौहान की हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जबकि लक्ष्मी का इलाज जारी है।

व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना ने एक बार फिर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है। सवाल यह उठता है कि जब ‘गोल्डन ऑवर’ जैसे महत्वपूर्ण समय में भी एंबुलेंस सेवा समय पर नहीं पहुंच पा रही है, तो सड़क हादसों में घायलों की जान कैसे बचाई जा सकेगी?

जांच और जवाबदेही जरूरी

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस लापरवाही की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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