खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क

राजेसुल्तानपुर, अम्बेडकरनगर।

आमजन की सुरक्षा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की सतर्कता बेहद महत्वपूर्ण है। अवैध हथियारों की मौजूदगी किसी भी समय शांति व्यवस्था के लिए खतरा बन सकती है। इसी दिशा में चलाए जा रहे अभियान के तहत राजेसुल्तानपुर पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक युवक को अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है।

पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 5 नवंबर 2026 को थाना राजेसुल्तानपुर की पुलिस टीम क्षेत्र में भ्रमण एवं चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर ग्राम कमालपुर पिकार निवासी अंकुर तिवारी (करीब 30 वर्ष), पुत्र शिवप्रकाश तिवारी को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस का दावा है कि तलाशी के दौरान युवक के कब्जे से एक देशी तमंचा 315 बोर और एक जिंदा कारतूस 315 बोर बरामद हुआ। इस बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना राजेसुल्तानपुर में मु0अ0सं0 219/2026 के तहत धारा 3/25 आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है।

पहले भी दर्ज हो चुके हैं दो मुकदमे

पुलिस के प्रेस नोट में गिरफ्तार युवक का पूर्व आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। इसके मुताबिक, वर्ष 2020 में थाना राजेसुल्तानपुर में बलवा, जानलेवा हमले और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। वहीं, वर्ष 2021 में आर्म्स एक्ट के तहत भी एक अभियोग पंजीकृत होने का उल्लेख किया गया है।

इन पुलिसकर्मियों ने निभाई भूमिका

इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक शुभम यादव, हेड कांस्टेबल ध्रुवराज यादव और कांस्टेबल विवेकानंद यादव शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में यह कार्रवाई की गई।

अवैध हथियारों पर प्रभावी नियंत्रण केवल पुलिस की जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा और समाज में भयमुक्त वातावरण बनाए रखने से भी जुड़ा है। ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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डिस्क्लेमर:

यह समाचार पुलिस विभाग द्वारा जारी प्रेस नोट में उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। बरामदगी एवं गिरफ्तारी से संबंधित तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार के माध्यम से नहीं की गई है। अभियुक्त के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा। न्यायिक निर्णय आने तक आरोपी को दोषी नहीं माना जा सकता।

 

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