खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क सुल्तानपुर/उत्तर प्रदेश। सड़क पर वाहन चलाने वाले लोगों के लिए यातायात नियमों का पालन करना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है कि नियमों के नाम पर की जाने वाली कार्रवाई पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमानुसार हो। लेकिन जब कोई वाहन स्वामी निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने के बावजूद बार-बार चालान कटने की शिकायत करे, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर इन शिकायतों की सुनवाई कौन करेगा? सुल्तानपुर से लखनऊ के बीच कथित रूप से किए जा रहे चालानों को लेकर ऐसा ही एक मामला चर्चा में है। जिले के जाने-माने चिकित्सक डॉ. रवि त्रिपाठी ने चालान की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की है। उनका दावा है कि वह स्वयं वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करते हैं, इसके बावजूद अब तक उन पर दस हजार रुपये से अधिक के चालान हो चुके हैं। डॉ. त्रिपाठी की शिकायत के अनुसार, सुल्तानपुर से लखनऊ के बीच तीन अलग-अलग स्थानों पर कथित रूप से छिपाकर इंटरसेप्टर वाहन खड़े किए जाते हैं और वहां से गुजरने वाले वाहनों के चालान किए जाते हैं। उन्होंने इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं और संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। https://khabarkitahtak.co.in/wp-content/uploads/2026/10/VID-20261024-WA0033.mp4 क्या चालान की कार्रवाई में पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है? यदि कोई वाहन चालक यातायात नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई आवश्यक है। लेकिन यदि कोई वाहन स्वामी गलत या अनुचित चालान की शिकायत करता है, तो उसकी शिकायत की निष्पक्ष जांच भी उतनी ही आवश्यक है। मामले में प्रमुख सवाल यह है कि क्या संबंधित चालानों में दर्ज गति, स्थान, समय और अन्य साक्ष्य वाहन चालकों को स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराए जा रहे हैं? क्या शिकायतों की समीक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था है? और यदि किसी चालान में त्रुटि पाई जाती है, तो उसके निराकरण की प्रक्रिया कितनी सहज है? इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया और उपलब्ध अभिलेखों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। वाहन स्वामियों की शिकायतों पर जवाबदेही जरूरी यातायात व्यवस्था का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ऐसे में कार्रवाई के साथ पारदर्शिता और जवाबदेही भी विश्वास की बुनियाद हैं। किसी वाहन चालक को यदि लगता है कि उसका चालान गलत हुआ है, तो उसे साक्ष्यों के आधार पर शिकायत दर्ज कराने और नियमानुसार उसका निराकरण पाने का अवसर मिलना चाहिए। अब देखना होगा कि डॉ. रवि त्रिपाठी की ओर से उठाए गए सवालों पर संबंधित अधिकारी क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या इन शिकायतों की जांच कर स्थिति स्पष्ट की जाती है। खबर की तहतक का उद्देश्य किसी व्यक्ति या विभाग की छवि को प्रभावित करना नहीं, बल्कि जनहित से जुड़े सवालों को जिम्मेदारी के साथ सामने रखना है। संबंधित विभाग का पक्ष या कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण उपलब्ध होने पर उसे भी खबर में उचित स्थान दिया जाएगा। डिस्क्लेमर: समाचार उपलब्ध कराए गए दावों पर आधारित है। चालान संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि खबर की तहतक वेब पोर्टल नहीं करता। संबंधित विभाग का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation जलालपुर रामलीला के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम में मंच पर चढ़ने को लेकर हुआ था विवाद, मामले की जांच जारी राशन देने के बहाने घर बुलाने का आरोप, युवक पर चाकू से हमला! गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर