त्योहारों से पहले साइबर ठगी से परेशान व्यापारी, दुकान के लिए माल खरीदने की पूंजी पर संकट; पुलिस और बैंक से लगाई रकम वापस दिलाने की गुहार संवाददाता: पंकज कुमार | आलापुर, अम्बेडकरनगर जहांगीरगंज, अम्बेडकरनगर। नवरात्र और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों से पहले जहां कपड़ा कारोबारियों को अच्छी बिक्री की उम्मीद रहती है, वहीं अम्बेडकरनगर के जहांगीरगंज क्षेत्र से साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। मामपुर बाजार में कपड़े की दुकान चलाने वाले अरविंद कुमार अग्रहरि ने अपने बैंक खातों से संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन के जरिए करीब एक लाख रुपये निकाले जाने की शिकायत की है। पीड़ित के मुताबिक, यह रकम उनकी मेहनत की कमाई थी, जिसका इस्तेमाल उन्हें त्योहारों के लिए दुकान में नया माल खरीदने में करना था। इस घटना ने छोटे व्यापारियों के बीच ऑनलाइन बैंकिंग की सुरक्षा और साइबर अपराध से बचाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है। 14 से 19 अक्टूबर के बीच संदिग्ध लेनदेन का दावा पीड़ित अरविंद कुमार अग्रहरि, पुत्र रामदयाल, निवासी मामपुर बाजार, थाना जहांगीरगंज क्षेत्र के अनुसार, उनका इंडसइंड बैंक की टांडा शाखा में खाता है। उन्होंने आरोप लगाया है कि 14 से 19 अक्टूबर 2026 के बीच उनके खाते से कई बार में संदिग्ध यूपीआई लेनदेन के जरिए बड़ी रकम निकाली गई। उपलब्ध कराए गए विवरण में 17 अक्टूबर को कई लेनदेन दर्ज हैं, जिनमें अलग-अलग बार में हजारों रुपये की धनराशि निकाले जाने का उल्लेख है। इसके अतिरिक्त, पीड़ित ने यूनियन बैंक की जहांगीरगंज शाखा से जुड़े अपने एक अन्य खाते से भी 17 अक्टूबर को 1,464 रुपये के संदिग्ध पीओएस लेनदेन की जानकारी दी है। पीड़ित की ओर से उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार, दोनों खातों से संबंधित संदिग्ध लेनदेन की कुल राशि करीब एक लाख रुपये बताई गई है। हालांकि, सभी लेनदेन, उनकी अंतिम कुल राशि और धनराशि के गंतव्य की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। त्योहारों के कारोबार पर पड़ा असर, पूंजी गंवाने की चिंता अरविंद कुमार अग्रहरि मामपुर बाजार में कपड़े की दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। त्योहारों के दौरान कपड़ों की मांग बढ़ने की उम्मीद में व्यापारी अपनी दुकानों के लिए अतिरिक्त स्टॉक जुटाते हैं। ऐसे में खाते से बड़ी रकम निकल जाने की शिकायत ने उनके सामने आर्थिक परेशानी खड़ी कर दी है। पीड़ित के अनुसार, इस धनराशि का इस्तेमाल दुकान के लिए नया माल खरीदने में किया जाना था। अब उन्हें कारोबार की जरूरतों के साथ-साथ कथित साइबर ठगी से संबंधित शिकायतों और कार्रवाई के लिए भी प्रयास करना पड़ रहा है। मेहनत से जुटाई गई पूंजी पर संकट आने से छोटे व्यापारियों के सामने पैदा होने वाली परेशानियां इस मामले को और गंभीर बनाती हैं। बैंकिंग सुरक्षा पर सवाल, लेकिन जांच से ही सामने आएगी वास्तविक वजह लगातार कई संदिग्ध लेनदेन होने की शिकायत के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि संबंधित लेनदेन किस माध्यम से हुए, क्या खाते की जानकारी या यूपीआई सुरक्षा से जुड़ी किसी जानकारी का दुरुपयोग हुआ और क्या बैंक की ओर से निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया गया। हालांकि, अभी उपलब्ध जानकारी के आधार पर बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत, आंतरिक डेटा लीक या बैंक की लापरवाही को प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। इन पहलुओं की पुष्टि बैंक के रिकॉर्ड, तकनीकी जांच और संबंधित अधिकारियों की पड़ताल से ही संभव होगी। पुलिस और प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद पीड़ित के मुताबिक, उन्होंने मामले की लिखित सूचना थाना जहांगीरगंज पुलिस को दी है। उन्होंने ऑनलाइन जनसुनवाई के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराते हुए रकम वापस दिलाने और मामले में कार्रवाई की मांग की है। अब महत्वपूर्ण यह होगा कि संदिग्ध लेनदेन की तकनीकी जांच कर धनराशि के प्रवाह का पता लगाया जाए, संबंधित बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच हो और यदि साइबर अपराध की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, पीड़ित की धनराशि वापस मिलने की संभावना के लिए संबंधित बैंक और साइबर अपराध शिकायत तंत्र की ओर से समयबद्ध कार्रवाई भी महत्वपूर्ण है। बड़ा सवाल: छोटे व्यापारियों की मेहनत की कमाई कितनी सुरक्षित? डिजिटल भुगतान ने कारोबार को आसान बनाया है, लेकिन साइबर ठगी की घटनाएं आम नागरिकों और छोटे व्यापारियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। जहांगीरगंज के इस मामले में भी जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे, ताकि संदिग्ध लेनदेन की वास्तविक वजह सामने आए और पीड़ित को उचित राहत मिल सके। खबर की तहतक इस मामले में संबंधित बैंक, पुलिस और साइबर सेल की आधिकारिक प्रतिक्रिया तथा जांच की प्रगति सामने आने पर खबर को अपडेट करेगा। डिस्क्लेमर: यह खबर पीड़ित की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। आरोपों और लेनदेन की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी व्यक्ति या बैंक की दोषसिद्धि का दावा नहीं किया गया है। खबर की तहतक | सच के साथ… सदैव आपके साथ। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation अलीगंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई: एयरटेल टावर से चोरी हुईं 22 बैटरियां बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार