खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क जलालपुर, अम्बेडकर नगर। जलालपुर नगर में शुक्रवार की रात रामलीला और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का भावपूर्ण चित्रण देखने को मिला। नगर में राम-सीता-लक्ष्मण की भव्य झांकी निकाली गई, वहीं विभिन्न रामलीला मंचनों में कैकेयी कोपभवन, राम वन गमन और राम-केवट संवाद जैसे प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक एवं सांस्कृतिक उत्साह का माहौल रहा। नगर भ्रमण पर निकली राम-सीता-लक्ष्मण की झांकी रामलीला समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सोनी की अध्यक्षता में भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण की भव्य झांकी नगर भ्रमण पर निकाली गई। झांकी के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और आस्था देखने को मिली। इस अवसर पर समिति के उपाध्यक्ष आनंद मिश्र, मेला मंत्री बेचन पांडे, मंत्री सोनू गौड़, सदस्य विकास निषाद, देवेश मिश्र सहित अन्य लोग मौजूद रहे। गल्ला मंडी में कथा वाचन, श्रद्धालुओं ने सुने रामकथा के प्रसंग गल्ला मंडी में श्री रामलीला सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष संदीप अग्रहरि के तत्वावधान में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। विधिवत पूजन के उपरांत कथा वाचन हुआ, जिसमें भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया गया। श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में मानिकचंद सोनी, सोनू गुप्ता और विकास निषाद ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। https://khabarkitahtak.co.in/wp-content/uploads/2026/10/VID-20261017-WA0026.mp4 कैकेयी कोपभवन और राम वन गमन का भावपूर्ण मंचन श्री रामलीला सेवा समिति की ओर से आयोजित रामलीला में शुक्रवार की रात कैकेयी कोपभवन, राम वन गमन और राम-केवट संवाद का भावपूर्ण मंचन किया गया। https://khabarkitahtak.co.in/wp-content/uploads/2026/10/VID-20261017-WA0027.mp4 मंचन के दौरान कैकेयी ने अपने दो वरदानों के तहत भगवान श्रीराम के लिए 14 वर्ष का वनवास और भरत के लिए राजगद्दी मांगी। राजा दशरथ इस घटनाक्रम से व्यथित और विवश नजर आए, लेकिन भगवान श्रीराम ने पिता के वचन की मर्यादा बनाए रखने के लिए वन जाने का निर्णय लिया। इस प्रसंग ने दर्शकों को भावुक कर दिया। कैकेयी की भूमिका इलाहाबाद निवासी कलाकार दीपमाला ने निभाई। वहीं, राम-केवट संवाद के मंचन में केवट द्वारा भगवान श्रीराम के चरण धोकर उन्हें नाव से नदी पार कराने के प्रसंग को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। श्रद्धालुओं ने इस दृश्य को भावविभोर होकर देखा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष संजीव मिश्र, राम किशोर राजभर, विनोद मिश्र, कृष्ण गोपाल गुप्ता, अतुल जायसवाल, राधेश्याम शुक्ल, विकास निषाद, जनमेजय मिश्र, अरुण मिश्र, दिलीप यादव और बब्लू त्रिपाठी सहित समिति के अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। जलालपुर में आयोजित इन धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से रामायण के आदर्शों, पारिवारिक मूल्यों और वचन पालन की महत्ता को मंचन के जरिए प्रस्तुत किया गया। आयोजनों ने नगर के धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण को भक्तिमय बना दिया। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद में मारपीट, बीच-बचाव करने आई 85 वर्षीय महिला की मौत; नामजद आरोपी गिरफ्तार