खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क परुइया आश्रम, अंबेडकरनगर। बाबा बरुआ दास परास्नातक महाविद्यालय, परुइया आश्रम में सेवा संकल्प एवं ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ योजना के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक ‘डिजिटल से दिल तक’ का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने डिजिटल सुविधाओं के उपयोग, साइबर सुरक्षा और डिजिटल साक्षरता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। नाटक की विषयवस्तु ‘डिजिटल इंडिया—दूरियों से नजदीकियों तक’ पर केंद्रित रही। इसमें चार बचपन के दोस्तों की कहानी दिखाई गई, जो रोजगार के सिलसिले में अलग-अलग शहरों में चले जाते हैं और लंबे समय तक एक-दूसरे से मिल नहीं पाते। बाद में डिजिटल तकनीक की मदद से वे फिर से संपर्क स्थापित करते हैं और एक साथ मिलने की योजना बनाते हैं। नाटक में डिजिलॉकर के माध्यम से प्रमाणपत्र साझा करने, यूपीआई से डिजिटल भुगतान, वीडियो कॉल, व्हाट्सएप ग्रुप और सरकारी ई-सेवा पोर्टल जैसी सुविधाओं को दर्शाया गया। विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि डिजिटल तकनीक केवल सरकारी कामकाज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सही उपयोग लोगों को जोड़ने, आपसी संवाद बढ़ाने और रिश्तों को मजबूत बनाने में भी सहायक हो सकता है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. परेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि डिजिटल सुविधाएं जीवन को अधिक सरल और सुविधाजनक बना रही हैं। उन्होंने ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के संदर्भ में कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में डिजिटल माध्यमों की महत्वपूर्ण भूमिका है। वहीं, उप-प्राचार्य प्रो. पवन कुमार गुप्त ने कहा कि तकनीक का सही उपयोग जीवन को आसान बनाने के साथ ही लोगों के बीच संवाद और संबंधों को भी मजबूत कर सकता है। उन्होंने इस तरह के आयोजनों को युवाओं में डिजिटल जागरूकता विकसित करने और सेवा की भावना को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. अमरनाथ जायसवाल ने किया। इस अवसर पर डॉ. सुधीर कुमार पाण्डेय, श्री ज्ञानेन्द्र कुमार, डॉ. आराधिका, डॉ. वीरेन्द्र कुमार सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। नुक्कड़ नाटक की टीम में चांदनी द्विवेदी, स्नेहा, शिवा, शिवम, काजल, मीनाक्षी और लक्ष्मी ने सहभागिता की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे। डिस्क्लेमर : यह समाचार महाविद्यालय की ओर से उपलब्ध कराई गई प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें उल्लिखित कार्यक्रम, वक्तव्यों और प्रतिभागियों से संबंधित विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि अलग से नहीं की गई है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी आधिकारिक या नीतिगत जानकारी के लिए संबंधित संस्थान अथवा सक्षम सरकारी स्रोत से पुष्टि करें। खबर की तहतक | सच के साथ… सदैव आपके साथ। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation मिशन शक्ति अभियान फेज-6: छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और बाल संरक्षण के प्रति किया जागरूक