राजभवन में डॉ. इंद्रजीत सिंह की पुस्तक का विमोचन, राज्यपाल के स्नेह से अभिभूत हुए लेखक

खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क

राजभवन में डॉ. इंद्रजीत सिंह की पुस्तक ‘बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का पुनर्मूल्यांकन’ का हुआ विमोचन, राज्यपाल से मिला स्नेह और मार्गदर्शन

जलालपुर, अंबेडकर नगर।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के कर-कमलों से राजभवन, लखनऊ में डॉ. इंद्रजीत सिंह की पुस्तक ‘बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का पुनर्मूल्यांकन’ का विमोचन हुआ। यह अवसर डॉ. इंद्रजीत सिंह के लिए विशेष गौरव और आत्मिक प्रसन्नता का क्षण बन गया।

डॉ. इंद्रजीत सिंह ने इस अवसर को अपने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताते हुए राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का स्नेह, आशीर्वाद और आत्मीय मार्गदर्शन उनकी शैक्षणिक एवं साहित्यिक यात्रा के लिए महत्वपूर्ण प्रेरणास्रोत है।

उन्होंने कहा कि राज्यपाल की सहजता, सौम्यता और आत्मीय व्यवहार ने इस गरिमामयी अवसर को और भी विशेष बना दिया। इस दौरान उन्हें विभिन्न विषयों और समसामयिक मुद्दों पर राज्यपाल के साथ सार्थक चर्चा करने का अवसर भी प्राप्त हुआ।

डॉ. इंद्रजीत सिंह के अनुसार, राज्यपाल के प्रेरणादायी विचार और स्नेहपूर्ण व्यवहार उन्हें ज्ञान-साधना, लेखन तथा समाज के बौद्धिक विकास के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रोत्साहन उनकी भविष्य की लेखकीय यात्रा को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

परिवार के सदस्यों को भी मिला स्नेह और आशीर्वाद

इस विशेष अवसर पर डॉ. इंद्रजीत सिंह की धर्मपत्नी डॉ. पुष्पा सिंह, अनुज-वधू डॉ. अमिता सिंह तथा उनके सुपुत्र कुणाल सिंह भी उपस्थित रहे। डॉ. अमिता सिंह असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने परिवार के सभी सदस्यों को स्नेह एवं आशीर्वाद प्रदान किया।

डॉ. इंद्रजीत सिंह ने राज्यपाल के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राजभवन में आयोजित यह गरिमामयी कार्यक्रम उनकी शैक्षणिक और साहित्यिक यात्रा में सदैव विशेष स्थान रखेगा।

उन्होंने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों और उनके व्यक्तित्व के पुनर्मूल्यांकन से जुड़ी उनकी पुस्तक के विमोचन का यह अवसर उनके लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि अध्ययन, लेखन और वैचारिक चिंतन की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी है।

डॉ. इंद्रजीत सिंह ने राज्यपाल के प्रोत्साहन को भविष्य में साहित्यिक एवं बौद्धिक कार्यों के माध्यम से समाज के विकास में योगदान देने की प्रेरणा बताते हुए उनके प्रति पुनः कृतज्ञता व्यक्त की।

डिस्क्लेमर :

यह समाचार उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य सूचना का प्रसार करना है। समाचार में व्यक्त विचार संबंधित व्यक्तियों के कथनों पर आधारित हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

Call Now Button