आंधी-तूफान और बारिश ने बिगाड़ी बिजली व्यवस्था, अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर हुए लोग

खबर की तहतक | आजमगढ़

पवई।

आंधी, तूफान और तेज बारिश ने पवई विकासखंड क्षेत्र में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। कहीं पेड़ धराशायी हुए तो कहीं बिजली के खंभे और तार टूटने से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। कई इलाकों में लोगों को घंटों तक बिजली का इंतजार करना पड़ा और अंधेरे में रात गुजारने की मजबूरी सामने आई।

बताया गया कि तूफान के दौरान क्षेत्र में करीब पचास स्थानों पर पेड़ बिजली के तारों पर गिर गए, जिसके चलते कई खंभे और तार क्षतिग्रस्त हुए। विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए विभागीय कर्मचारियों ने लगातार प्रयास किए। करीब 24 घंटे बाद धीरे-धीरे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति सामान्य होने लगी।

सड़क पर गिरे पेड़ों से यातायात भी प्रभावित

तूफान का असर केवल विद्युत व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा। कई स्थानों पर विशाल पेड़ मुख्य सड़कों पर गिर जाने से आवागमन बाधित हुआ। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पेड़ों को काटकर हटाया, जिसके बाद यातायात को दोबारा सुचारु कराया जा सका।

पवई बाजार चौराहे से करीब सौ मीटर की दूरी पर पवई-कलान चौराहे मार्ग पर शनिवार सुबह करीब 10 बजे एक विशालकाय पीपल का पेड़ भी तेज हवाओं के बीच धराशायी हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार यह पेड़ काफी पुराना था। पेड़ गिरने से सामने स्थित एक मकान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। पेड़ गिरने के कारण सड़क पर काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही।

खेतों में बिछी फसलें, किसानों की बढ़ी चिंता

प्राकृतिक आपदा का सबसे गहरा असर किसानों की फसलों पर दिखाई दे रहा है। तेज हवा और बारिश के कारण खेतों में खड़ी गन्ने की फसल जमीन पर गिर गई। वहीं धान की लंबी वैरायटी वाली फसल भी खेतों में बिछ गई है।

जिस फसल को किसान महीनों की मेहनत, उम्मीद और पूंजी लगाकर तैयार कर रहे थे, उसे यूं जमीन पर गिरा देखकर उनकी चिंता बढ़ गई है। खेतों में बिछी फसलें किसानों की उस मेहनत की तस्वीर बन गई हैं, जिसके सहारे परिवार की रोजी-रोटी और आने वाले दिनों की उम्मीद टिकी होती है।

कई किसान नुकसान को देखकर मायूस नजर आए। अब उनकी निगाहें मौसम के अगले रुख और फसल को होने वाले संभावित नुकसान के आकलन पर टिकी हैं।

आंधी और बारिश थमने के बाद भले ही जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही हो, लेकिन बिजली व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मकानों, बाधित मार्गों और खेतों में गिरी फसलों के रूप में तूफान अपने पीछे परेशानियों के निशान छोड़ गया है।

डिस्क्लेमर :

यह समाचार उपलब्ध स्थानीय जानकारी एवं रिपोर्टर द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण के आधार पर तैयार किया गया है। प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के आंकड़ों में स्थानीय स्तर पर परिवर्तन संभव है। पाठकों से अपील है कि किसी भी सूचना की पुष्टि संबंधित विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन से अवश्य करें।

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