बड़ी कार्रवाई: 5 किलो आईसीई ड्रग और तीन विदेशी पिस्तौल के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क

अमृतसर में काउंटर इंटेलिजेंस की कार्रवाई, सीमा पार से संचालित नेटवर्क से जुड़े होने का पुलिस को संदेह

अमृतसर।

पंजाब में नशे और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच काउंटर इंटेलिजेंस विंग, अमृतसर को बड़ी सफलता मिलने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार, संयुक्त कार्रवाई के दौरान दो संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से करीब 5 किलोग्राम आईसीई (क्रिस्टल मेथामफेटामाइन) और तीन विदेशी निर्मित पिस्तौल व मैगजीन बरामद किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पकड़े गए आरोपियों का संपर्क विदेश में बैठे कथित तस्करी संचालकों से हो सकता है। आरोप है कि आरोपियों के माध्यम से नशीले पदार्थों और अवैध हथियारों की खेप प्राप्त कर उन्हें आगे अन्य सहयोगियों तक पहुंचाया जाता था।

नशे के साथ हथियारों का खेल, जांच में खुल सकते हैं कई राज

एक तरफ नशा युवाओं और परिवारों के भविष्य को निगल रहा है, तो दूसरी ओर अवैध हथियारों की तस्करी समाज की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। ऐसे में एक ही नेटवर्क से कथित तौर पर ड्रग्स और हथियारों की बरामदगी ने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

पुलिस को आशंका है कि यह मामला किसी बड़े और संगठित अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। हालांकि नेटवर्क के वास्तविक आकार और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के तहत मामला

पुलिस के अनुसार इस प्रकरण में स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, अमृतसर थाने में एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ कर कथित नेटवर्क के आगे और पीछे के संपर्कों का पता लगाने में जुटी हैं।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद मादक पदार्थ और हथियार कहां से आए, इन्हें किसके निर्देश पर मंगाया गया और आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

7 सितंबर की कार्रवाई से भी जुड़ता है कनेक्शन

पुलिस के अनुसार, इससे पहले 7 सितंबर को भी अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने एक कथित अंतरराष्ट्रीय तस्करी मॉड्यूल का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उस कार्रवाई में पुलिस ने 15 अवैध पिस्तौल और 5 किलोग्राम हेरोइन बरामद करने का दावा किया था।

उस मामले में भी विदेश में बैठे कथित हैंडलर्स से संपर्क और सीमा पार से नशीले पदार्थों एवं हथियारों की खेप पहुंचाए जाने की बात सामने आने का पुलिस ने दावा किया था।

इन घटनाओं को देखते हुए जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अलग-अलग मामलों के पीछे कोई साझा नेटवर्क सक्रिय है? इसका जवाब विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।

नशे के खिलाफ लड़ाई में सबसे बड़ी कीमत समाज चुका रहा

नशीले पदार्थों का कारोबार सिर्फ कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है। इसके पीछे टूटते परिवार, बर्बाद होते सपने और अपराध की ओर बढ़ता युवा समाज की सबसे बड़ी चिंता हैं। वहीं अवैध हथियारों की उपलब्धता इस खतरे को और गंभीर बना देती है।

पंजाब पुलिस का कहना है कि नशे और अवैध हथियारों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।

खबर की तहतक की ओर से अपील: नशे के कारोबार या अवैध हथियारों से जुड़ी किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी होने पर स्वयं कार्रवाई करने के बजाय संबंधित पुलिस या सक्षम प्रशासनिक अधिकारी को सूचना दें।

डिस्क्लेमर:

यह समाचार उपलब्ध पुलिस/मीडिया जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। बरामदगी, गिरफ्तारी, कथित तस्करी नेटवर्क और आरोपियों की भूमिका से संबंधित दावे जांच एजेंसियों के बयानों पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार के स्तर पर नहीं हुई है। किसी भी आरोपी को न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध किए जाने तक कानून की नजर में निर्दोष माना जाता है। मामले की वास्तविक सच्चाई पुलिस जांच, साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के अंतिम निष्कर्ष से ही निर्धारित होगी।

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