जघन्य हत्याकांड: पत्नी की हत्या के बाद भी आरोपी को पछतावा नहीं, सिर फ्रिज में रखने का आरोप

खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क

गुवाहाटी।

असम के गुवाहाटी में सामने आए एक जघन्य हत्याकांड ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस के अनुसार, पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार रामानुज गोस्वामी ने अपना अपराध कबूल किया है। आरोप है कि उसने अपनी पत्नी रिया की हत्या करने के बाद उसके शरीर के साथ बेहद अमानवीय व्यवहार किया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर रिया का सिर धड़ से अलग कर उसे रेफ्रिजरेटर में रख दिया था। उसकी उंगलियां काटे जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या पर किसी तरह का पछतावा नहीं होने की बात कही।

छह महीने पहले हुई थी शादी

पुलिस के अनुसार रामानुज और रिया की शादी करीब छह महीने पहले हुई थी। दोनों के बीच अक्सर विवाद होने की बात सामने आई है। आरोपी को कथित तौर पर अपनी पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने का शक था। पुलिस के अनुसार, इसी शक को लेकर दंपती के बीच विवाद बढ़ता गया।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कथित रूप से उस व्यक्ति को भी जान से मारने की धमकी दी थी, जिसके साथ उसे अपनी पत्नी के संबंध होने का संदेह था।

कटे अंग कुत्ते को खिलाने की कोशिश की बात की जांच

मामले में एक और बेहद गंभीर पहलू सामने आया है। पुलिस इस आरोप/दावे की भी जांच कर रही है कि हत्या के बाद शरीर के कटे हुए अंगों को कुत्ते को खिलाने की कोशिश की गई थी। जांच एजेंसियां घटनास्थल, बरामद साक्ष्यों और आरोपी के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही हैं।

डीसीपी (ईस्ट) तब्बू राम पेगु के अनुसार, मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

शक ने रिश्ते को बनाया खूनी अंजाम

छह महीने पहले शुरू हुआ वैवाहिक रिश्ता आखिरकार ऐसी दर्दनाक घटना में बदल गया, जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। हालांकि हत्या के पीछे बताए जा रहे कारणों और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है।

डिस्क्लेमर:

यह खबर उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। हत्या, शरीर के अंग काटने तथा अन्य घटनाओं से संबंधित आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने की बात पुलिस के हवाले से कही गई है; न्यायालय में दोष सिद्ध होने तक आरोपी को कानूनन दोषी नहीं माना जा सकता। मृतका और उसके परिजनों की गरिमा का सम्मान करते हुए खबर में घटना के वीभत्स विवरण को सीमित रखा गया है।

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