खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क रिपोर्ट – अनुराग श्रीवास्तव अम्बेडकरनगर। जनपद न्यायालय परिसर में नवनिर्मित पारिवारिक न्यायालय भवन का रविवार को भव्य ई-उद्घाटन किया गया। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली ने भवन का ई-उद्घाटन किया। इस अवसर पर वरिष्ठ न्यायाधीश एवं इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी तथा अम्बेडकरनगर की प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति नंद प्रभा शुक्ला की गरिमामयी उपस्थिति रही। https://khabarkitahtak.co.in/wp-content/uploads/2026/09/VID-20260906-WA0053.mp4 कार्यक्रम के दौरान बार एसोसिएशन अम्बेडकरनगर की ओर से अधिवक्ताओं एवं वादकारियों की विभिन्न मूलभूत समस्याओं को लेकर प्रशासनिक न्यायमूर्ति को ज्ञापन सौंपा गया। अधिवक्ताओं ने न्यायालय एवं तहसील अकबरपुर के बीच लंबे समय से बंद पूर्वी गेट को तत्काल खोलने की मांग की। उनका कहना है कि गेट बंद होने के कारण अधिवक्ताओं और वादकारियों को करीब 300 मीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। ज्ञापन में अधिवक्ताओं के बैठने वाले स्थान पर जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए समुचित नाली एवं जलनिकासी व्यवस्था कराने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। अधिवक्ताओं के मुताबिक बारिश के दौरान पानी और कीचड़ के कारण आवागमन के साथ न्यायिक कार्यों में भी परेशानी होती है। विशेष रूप से बुजुर्ग एवं महिला अधिवक्ताओं तथा वादकारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं, अधिवक्ताओं ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) न्यायालय को अयोध्या से स्थानांतरित कर अम्बेडकरनगर जिला मुख्यालय पर स्थापित करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि MACT न्यायालय स्थानीय स्तर पर स्थापित होने से सड़क दुर्घटना से जुड़े मामलों के वादकारियों को अयोध्या की अनावश्यक यात्रा से राहत मिलेगी और समय व धन की बचत होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में बार एसोसिएशन अध्यक्ष सुनील कुमार यादव, सचिव अनिल वर्मा, आनंद सिंह, सुनील कुमार श्रीवास्तव, परशुराम वर्मा एवं सूरज अहलादे एडवोकेट सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation कांगो में शादी की खुशियां मातम में बदलीं, आग की लपटों ने छीन लीं 22 जिंदगियां महरुआ पुलिस ने वांछित अभियुक्त को किया गिरफ्तार