₹25 हजार का इनामी ‘वांछित’ मुठभेड़ में घायल, जैतपुर पुलिस ने दबोचा—तमंचा, कारतूस और चोरी के जेवर बरामदगी का दावा

खबर की तहतक न्यूज नेटवर्क

अंबेडकरनगर।

अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच जैतपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम पुलिस और एक वांछित अभियुक्त के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के मुताबिक जवाबी कार्रवाई में ₹25 हजार का इनामी आरोपी घायल हो गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

पुलिस के अनुसार घटना 28 अगस्त 2026 की शाम करीब 5:40 बजे जैतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जैतपुर स्थित रामधारी मौर्या की बाग के पास हुई। पुलिस टीम संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान कथित रूप से एक वांछित बदमाश से पुलिस की मुठभेड़ हो गई।

पुलिस की पहचान के अनुसार घायल अभियुक्त पप्पू पुत्र चंद्रिका प्रसाद, निवासी ग्वारी चमारन का पुरवा, थाना थानगांव, जनपद सीतापुर, उम्र करीब 23 वर्ष है। पुलिस का कहना है कि आरोपी जैतपुर थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 62/2026 और 63/2026 में वांछित था और उस पर ₹25 हजार का इनाम घोषित था।

पैर में लगी गोली, अस्पताल में कराया गया भर्ती

पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ के दौरान जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर चिकित्सीय उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस, एक मोटरसाइकिल, चोरी की बताई गई पीली धातु की चेन, दो अंगूठियां और ₹1,750 नकद बरामद करने का दावा किया है।

26 मुकदमों का आपराधिक इतिहास, पुलिस के दावे से सामने आई तस्वीर

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ अंबेडकरनगर, आजमगढ़ और गाजीपुर जनपद के अलग-अलग थानों में चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट समेत अन्य अपराधों से जुड़े करीब 26 मुकदमे दर्ज हैं।

यानी पुलिस रिकॉर्ड में यह कोई नया नाम नहीं बताया जा रहा—बल्कि लंबे समय से कानून की नजर में चल रहा एक ऐसा आरोपी, जिसे पकड़ने के लिए इनाम तक घोषित करना पड़ा।

पुलिस टीम की कार्रवाई

इस कार्रवाई में जैतपुर थाना पुलिस के साथ स्वाट और सर्विलांस टीम के पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस के अनुसार टीम में उपनिरीक्षक विनोद यादव, उपनिरीक्षक आदर्श सिंह, मुख्य आरक्षी उमेश यादव, आरक्षी विपिन सिंह, मुख्य आरक्षी उमेश सिंह यादव, आरक्षी अर्जुन तिवारी, आरक्षी दिव्यांश यादव, आरक्षी शिवम शाही और आरक्षी विजेन्द्र यादव शामिल रहे।

फिलहाल घायल आरोपी अस्पताल में उपचाराधीन है और पुलिस द्वारा मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

स्थानी लोगों का कहना है कि अगर किसी आरोपी पर करीब 26 मुकदमे दर्ज होने के बावजूद वह लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा, तो ऐसे मामलों में सिर्फ गिरफ्तारी के बाद की कार्रवाई ही नहीं, बल्कि अपराधियों तक कानून की पहुंच में हुई देरी पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और मुठभेड़ से जुड़े सभी तथ्यों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी।

डिस्क्लेमर: यह खबर पुलिस के आधिकारिक प्रेस नोट के आधार पर है। मुठभेड़, बरामदगी व आपराधिक इतिहास पुलिस के दावे हैं। मामले की अंतिम पुष्टि जांच एवं न्यायालय के निर्णय के अधीन है।

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