खबर की तहतक न्युज नेटवर्क जलालपुर, अम्बेडकरनगर। सड़क के किनारे कूड़े का पहाड़ और चंद कदम दूर अस्पताल—क्या यही है स्वच्छता व्यवस्था की असली तस्वीर? जलालपुर कस्बे से कुछ ही दूरी पर जलालपुर-अकबरपुर मार्ग के किनारे नगर पालिका क्षेत्र से निकलने वाले कूड़े और अवशिष्ट पदार्थों का अंबार लगा है। खुले में पड़े कचरे से आसपास गंदगी, दुर्गंध और अस्वच्छ वातावरण बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने इससे संक्रमण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका जताई है। https://khabarkitahtak.co.in/wp-content/uploads/2026/08/VID-20260822-WA0011.mp4 अस्पताल के करीब कूड़े का ढेर, जिम्मेदारी किसकी? स्थानीय लोगों के अनुसार सफाई के बाद एकत्रित होने वाला कूड़ा नियमित रूप से इसी स्थान पर लाकर डाला जाता है। लोगों का दावा है कि कई बार नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया और कूड़ा निर्धारित स्थल पर ले जाने की मांग की गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका। सबसे चिंता की बात यह बताई जा रही है कि कूड़े के ढेर से करीब 50 मीटर की दूरी पर अस्पताल स्थित है। यहां प्रतिदिन मरीजों और उनके तीमारदारों की आवाजाही रहती है। आसपास चाय-नाश्ते की दुकानें भी हैं, जहां लोग खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं। ऐसे में खुले में पड़े कचरे से उठती दुर्गंध, मक्खियों और अन्य संभावित संक्रमणकारी कारकों को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता स्वाभाविक है। स्वच्छता अभियान के नारों के बीच कचरे की जमीनी तस्वीर स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान और साफ-सफाई के दावों के बीच सड़क किनारे जमा कूड़े का यह दृश्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। जब मुख्य मार्ग के किनारे कचरा खुले में दिखाई दे और उसके पास ही अस्पताल व खाद्य पदार्थों की दुकानें हों, तो स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी पर सवाल उठना लाजिमी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई सुनसान रास्ता नहीं है। जलालपुर-अकबरपुर मार्ग पर दिनभर वाहनों और राहगीरों की आवाजाही रहती है। इसी मार्ग से आम लोगों के अलावा अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का भी आवागमन होता है। इसके बावजूद कूड़े का ढेर लंबे समय तक नजरों के सामने बने रहना व्यवस्था की गंभीरता पर सवाल खड़ा करता है। कूड़ा हटेगा या शिकायतों का भी लगेगा ढेर? स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या केवल कूड़े के एक ढेर की नहीं, बल्कि उसके नियमित और वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था की है। यदि सफाई के बाद कूड़ा खुले में ही डाल दिया जाए तो सफाई अभियान का उद्देश्य ही अधूरा रह जाता है। लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल कूड़ा हटवाने, पूरे स्थल की सफाई कराने और भविष्य में सड़क किनारे खुले में कचरा डालने पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही निर्धारित स्थल पर कचरे के निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है। खबर की तहतक का सवाल सड़क किनारे कूड़ा, पास में अस्पताल और आसपास खाद्य पदार्थों की दुकानें—क्या जिम्मेदारों को किसी बड़ी समस्या का इंतजार है? जनस्वास्थ्य से जुड़ी ऐसी स्थिति में कार्रवाई केवल शिकायत मिलने के बाद नहीं, बल्कि जिम्मेदार विभाग की नियमित निगरानी का हिस्सा होनी चाहिए। अब देखना यह है कि इस खबर के बाद कूड़े का यह अंबार हटता है या फिर स्वच्छता के दावों की तरह यह समस्या भी फाइलों में ही दबकर रह जाती है। डिस्क्लेमर : यह खबर स्थानीय लोगों द्वारा बताई गई जानकारी, मौके की स्थिति के संबंध में प्राप्त विवरण और जनस्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं के आधार पर तैयार की गई है। कूड़ा नगर पालिका द्वारा ही उक्त स्थान पर डाले जाने के स्थानीय लोगों के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। संक्रमण फैलने की आशंका का उल्लेख भी स्थानीय लोगों की चिंता के रूप में किया गया है, इसे किसी चिकित्सकीय निष्कर्ष के रूप में न लिया जाए। संबंधित नगर पालिका प्रशासन का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी खबर में उचित स्थान दिया जाएगा। किसी व्यक्ति, संस्था या विभाग की छवि धूमिल करना उद्देश्य नहीं है; उद्देश्य जनहित से जुड़े मुद्दे को संबंधित जिम्मेदारों के संज्ञान में लाना है। Share this: Share on Facebook (Opens in new window) Facebook Share on X (Opens in new window) X Like this:Like Loading… Related Post navigation रसूलपुर बाकरगंज में सफाई व्यवस्था बदहाल, ग्रामीणों ने प्रधान पर लगाए गंभीर सवाल भीटी पुलिस की कार्रवाई: 0.315 बोर तमंचा और कारतूस के साथ युवक गिरफ्तार