थाना हंसवर पुलिस ने बीएनएस एवं एससी-एसटी एक्ट के मामले में तीन नामजद अभियुक्तों को किया गिरफ्तार

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अम्बेडकरनगर।

जनपद अम्बेडकरनगर में अपराध नियंत्रण एवं वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना हंसवर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बीएनएस एवं एससी-एसटी एक्ट से संबंधित मुकदमे में तीन नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस अधीक्षक सुश्री प्राची सिंह के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) श्री हरेन्द्र कुमार तथा क्षेत्राधिकारी टाण्डा श्री प्रदीप सिंह चन्देल के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। थाना हंसवर के थानाध्यक्ष श्री अभिनेष कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर मंगलवार, 05 अगस्त 2026 को रंगेय राघव स्कूल मोड़ के पास पुलिया, ग्राम हंसवर क्षेत्र से तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार थाना हंसवर में दर्ज मु0अ0सं0 75/2026 धारा 115(2), 352, 351(3) बीएनएस की विवेचना उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार द्वारा की जा रही थी। विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन एवं घायल की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धारा 109(1) बीएनएस तथा धारा 3(2)(v) एससी-एसटी एक्ट की वृद्धि की गई।

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान घनजूर उर्फ शब्बीर पुत्र स्व. ललई उर्फ लाल मोहम्मद (उम्र लगभग 55 वर्ष), नसरूद्दीन पुत्र घनजूर उर्फ शब्बीर (उम्र लगभग 30 वर्ष) तथा नौसाद पुत्र घनजूर उर्फ शब्बीर (उम्र लगभग 26 वर्ष) निवासी जम्मनपुर, थाना हंसवर, जनपद अम्बेडकरनगर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार तीनों अभियुक्त मुकदमे में नामजद एवं वांछित चल रहे थे।

गिरफ्तारी दिनांक 05 अगस्त 2026 को समय लगभग 11:28 बजे रंगेय राघव स्कूल मोड़ के पास पुलिया, ग्राम हंसवर क्षेत्र से की गई। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार, कांस्टेबल अजीत कुमार वर्मा एवं कांस्टेबल विवेक कुमार शामिल रहे।

पुलिस ने बताया कि अभियुक्तों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। मामले की आगे की विवेचना प्रचलित है।

डिस्क्लेमर :

यह समाचार पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में उल्लिखित सभी आरोप पुलिस अभिलेखों के अनुसार हैं। गिरफ्तार व्यक्तियों को भारतीय कानून के अनुसार न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने तक निर्दोष माना जाएगा। खबर की तहतक किसी भी व्यक्ति के दोषी होने का दावा नहीं करता है। मामले की अंतिम स्थिति न्यायालय एवं जांच एजेंसी की जांच तथा न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगी। पाठकों से अपील है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

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